संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद(सहारनपुर)। सरकारी भूमि पर संचालित अवैध मदरसों, मस्जिदों और मजारों के संबंध में धारा 67 के तहत जारी नोटिसों के मामले में सोमवार को तहसीलदार कोर्ट में पहली जिरह हुई। इस दौरान ग्राम समाज के लेखपाल और पक्षकारों के अधिवक्ता मौजूद रहे। मामले में अब 16 सितंबर की तिथि लगाई गई है।
धार्मिक स्थलों के मामले में सोमवार को तय तिथि पर पक्षकारों के अधिवक्ता और लेखपाल तहसीलदार कोर्ट में उपस्थित हुए। इस दौरान भूमि स्वामित्व को लेकर उनके बीच पहली बार जिरह हुई। दोनों ओर से अपने-अपने साक्ष्य और तर्क रखे गए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने को बाद प्रकरण में अगली तिथि 16 सितंबर की लगाई गई है। बता दें, कि इस प्रकरण में पहली सुनवाई 13 जुलाई और दूसरी 20 जुलाई को निर्धारित की गई थी। संबंधित पक्षों के अनुरोध पर तीसरी तिथि 24 जुलाई तय की गई थी, लेकिन बार संघ के अवकाश के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। जिसके चलते सभी पक्षों को 27 जुलाई को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन चौथी तिथि पर भी सुनवाई नहीं हो सकी।
जिसके बाद उन्हें पेश होने के लिए 31 जुलाई दी गई। मगर इस तिथि पर भी सुनवाई टल गई। जिसके चलते सुनवाई के लिए चार अगस्त दी गई थी। निर्धारित तिथि पर प्रबंधक और मुतवल्ली तहसीलदार के समक्ष पेश हुए। लेकिन कांवड़ यात्रा आरंभ होने के कारण पक्षकारों के अधिवक्ताओं के प्रस्ताव देने के चलते सुनवाई के लिए अगली तिथि 12 अगस्त लगा दी गई। इसके बाद बार संघ के चुनाव के कारण प्रकरण में 27 अगस्त की तिथि तय की गई। लेकिन इस तारीख में भी सुनवाई नहीं हो पाई। सभी मुतवल्लियों और प्रबंधकों को सात सितंबर की तिथि दी गई। जिसके बाद इसमें 14 सितंबर की तिथि लगाई गई थी। सोमवार को प्रकरण में जिरह हुई, जिसके बाद 16 सितंबर की तिथि लगाई गई है।
यह है मामला
प्रशासन ने धारा 67 के तहत अक्सा मस्जिद ग्राम सोहनचिड़ा के मुतवल्ली अहसान, मदीना मस्जिद ग्राम पंडोली नागल के प्रबंधक रिजवान, मदरसा दारुस्सलाम ग्राम छलौली के प्रबंधक तौसीफ, ग्राम अंबेहटा शेखा स्थित मदरसे के मुतवल्ली मुर्तजा, ग्राम पहाड़पुर की मस्जिद के मुतवल्ली हाफिज गुलबहार और ग्राम अंबेहटा शेखा की मस्जिद के मुतवल्ली मोहतसिम को नोटिस जारी किए हुए हैं।
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नौशाद उस्मानी