हैवानियत हुई हावी, फावड़े के एक ही वार में चली गई जान
बताया गया कि बकरा ईद पर खरीदा गया मोबाइल फोन फरमान की मौत का कारण बना गया। उसका नाबालिग भाई फोन का लॉक न खोलने देने पर इस कदर उत्तेजित हुआ कि फावड़े से फरमान को मौत के घाट उतार दिया।
गांव फतेहपुर ढोल्ला निवासी अकील की तीन बेटियां और दो बेटे थे। अकील ने तीनों बेटियों की शादी कर दी थी। इसके बाद अकील और उनकी पत्नी का इंतकाल हो गया। घर में बड़ा बेटा फरमान और छोटा बेटा ही रहते थे। पुलिस के मुताबिक, ईद-उल-अजहा से दो पहले फरमान नया मोबाइल खरीदकर लाया था। फरमान मोबाइल को अपने छोटे नाबालिग भाई को नहीं देना चाहता था। इसलिए उसने लॉक लगा रखा था। उसका छोटा भाई भी मोबाइल चलाना चाहता था, लेकिन फरमान पासवर्ड नहीं दे रहा था। इस बात को लेकर दोनों के बीच दो सप्ताह पूर्व विवाद हुआ था। झगड़ा इतना बढ़ा कि दोनों में मारपीट हो गई। छोटे भाई ने फरमान की गर्दन पर फावड़ा मारा, जिससे उसकी मौत हो गई।
ग्रामीणों को करता रहा गुमराह
कई दिनों तक गांव में फरमान दिखाई नहीं दिया तो पड़ोसियों ने आरोपी से पूछा। उसने बताया कि फरमान काम के सिलसिले में करनाल चला गया है। कई दिनों बाद बदबू आने पर ग्रामीणों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को बुला लिया।
पहले भी हो चुका रिश्तों का खून, पांच साल की प्रमुख वारदातें
- बड़गांव क्षेत्र में पुत्र ने अपनी मां के साथ मिलकर पिता को मौत के घाट उतारा।
- कोतवाली मंडी के मोहल्ला छत्ता जंबूदास में घरेलू विवाद में युवक ने पत्नी को तलवार से काटकर हत्या कर दी और आत्महत्या कर ली।
- खाताखेड़ी में अवैध संबंधों के चलते दो भाइयों ने छुरी से अपनी बहन की गर्दन रेतकर हत्या कर दी।
- मोहल्ला गोटेशाह में एक युवक ने पत्नी की हत्या कर शव जलाया।
- सिराज कॉलोनी में पति ने पत्नी को मौत के घाट उतार दिया।
- खाताखेड़ी में एक व्यक्ति ने पत्नी की हत्या की और कोतवाली मंडी में आत्मसमर्पण कर दिया।
कम उम्र में मां-बाप को खो देने के कारण ऐसे किशोरों को सही परवरिश नहीं मिल पाती। इस मामले में भी यही हुआ। आवेश में आकर किशोर ने हत्या कर दी और फिर पछतावे में आकर अपनी भी जान देने की कोशिश की। ऐसे लोगों की समय से काउंसिलिंग हो जाए, तो अनहोनी को रोका जा सकता है। - एजाज अहमद, मनोचिकित्सक