घड़कौली प्रकरण में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और गिरफ्तार किए गए दलित युवकों को रिहा कराने की मांग को लेकर सैकड़ों दलितों ने शहर में जुलूस निकाला।
रैली के दौरान उन्होंने घंटाघर चौक, दीवानी कचहरी और कलक्ट्रेट तिराहे पर जाम लगाकर घटना पर विरोध जताया। इसके बाद डीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया। सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ द्वितीय से आश्वासन मिलने के बाद ही प्रदर्शनकारी धरने से उठे।
शनिवार की सुबह से ही दलित देहरादून रोड स्थित संत रविदास छात्रावास पर जमा होना शुरू हो गए थे। यहां से वह नारेबाजी करते हुए घंटाघर पहुंचे, जहां उन्होंने जाम लगाते हुए प्रदर्शन किया। जाम की वजह से राहगीरों को परेशानी रही। घंटाघर से चलने के बाद उन्होंने दीवानी कचहरी और उसके बाद कलक्ट्रेट तिराहे पर मानव श्रंखला बनाकर जाम लगाया।
इस दौरान युवकों की पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारी डीएम से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे। डीएम की बैठक में गए होने की वजह से उन्होंने डीएम कार्यालय पर धरना और नारेबाजी शुरू कर दी। यहां दलित नेता रघुवीर सिंह बौद्घ ने घड़कौली की घटना की निंदा करते हुए इसे माहौल बिगाड़ने की साजिश करार दिया।
साथ ही प्रशासन को चेताया कि यदि बाबा साहब की प्रतिमा पर कालिख पोतने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई तो दलित समाज कोई अंतिम फैसला लेगा। संजीव दुर्जन ने पुलिस पर बेगुनाह लोगों को गिरफ्तार करने का आरोप लगाया।
बताया कि कुछ लोग ग्रामीणों को समझाने के लिए वहां पहुंचे थे, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह भी कहा कि दलित समाज के करीब 35 युवक लापता हैं। धरने को राहुल भारती समेत कई लोगों ने संबोधित किया।
सीओ द्वितीय अमित नागर ने बताया कि पुलिस ने दोनों पक्षों के चार-चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। बाकी जो लोग गिरफ्तार किए गए हैं। उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
यदि वह दोषी होंगे तो ही कार्रवाई होगी। अन्यथा उन्हें परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया जाएगा। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट और कोतवाली सदर प्रभारी सुशील दुबे अपनी टीम के साथ मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों में संत कुमार गौतम, इंद्रपाल सिंह, नितिन कुमार, उमेश गौतम, पीयूष अंबेडकर, वीरेंद्र, कमल वालिया, नफे सिंह, राजीव मौर्य, संजीव सागर, राकेश, विनोद आदि थे।
अलर्ट दिखी पुलिस
घड़कौली में पथराव के बाद पुलिस अलर्ट है। घटना के विरोध में शनिवार को दलित युवकों ने रैली निकाली। रैली के दौरान पुलिसकर्मी हेलमेट पहने और पूरी तैयारी के साथ थे, जिससे किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।
आपस में ही हुई कहासुनी
कलक्ट्रेट में धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों के दो पक्षों में कहासुनी हुई। इस दौरान बीच बचाव कराने के लिए उनके ही साथियों को आगे आना पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी उन्हें अलग किया।
दलित संगठनों ने जताया रोष
घड़कौली प्रकरण को लेकर तमाम दलित संगठन सक्रिय हो गए हैं। डॉ. अंबेडकर प्रगतिशील युवा मंच ने घटना की निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की। संगठन ने चोटिल हुए दलित समाज के लोगों को मुआवजा देने की मांग की।
बैठक में रवि प्रकाश बौद्घ, पुष्कर सिद्धार्थ, सुदेश गौतम, सुरेंद्र गौतम, संजय गौतम, रोहित बौद्घ, तरुण जाटव, सचिन कुमार आदि थे। उधर, भारतीय मूल निवासी युवा संगठन के अध्यक्ष अवनय गौतम की ओर से डीएम को सौंपे ज्ञापन में बाबा साहब का अपमान करने वालों को जेल भेजने की मांग की।
10 नामजद, 40-50 अज्ञात पर रिपोर्ट
गागलहेड़ी के घड़कौली में हुए बवाल में पुलिस ने दोनों पक्षों के दस लोगों को नामजद और 40-50 अज्ञात के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करते हुए आठ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
हालात नियंत्रण मेें आने के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिशें देकर 44 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, जिसमें से आठ को जेल भेजा गया, जबकि 36 को बसपा नेताओं की सुपुर्दगी में इस शर्त के साथ दिया गया कि यदि ये जांच के दौरान बवाल से जुडे़े मिले तो उन्हें जेल भेजा जाएगा।
एसओ गागलहेड़ी नरेंद्र शर्मा की तरफ से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में पुलिस पर हमले, पथराव, फायरिंग, जातीय उन्माद, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने आदि के आरोपों के अंतर्गत आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 323, 353, 504, 506, 307 एवं 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत दस को नामजद किया गया है।
इनमें से आठ आरोपियों योगेश पुत्र धूम सिंह, ठाठ सिंह पुत्र हुकम सिंह, गुलशन पुत्र रणजीत सिंह, रजत पुत्र रमेशचंद, आशु पुत्र बिजेंद्र, पोनी पुत्र कुशलपाल, बिजेंद्र पुत्र महेंद्र सिंह निवासी घड़कौली, चरणजीत पुत्र सिकंदर सिंह निवासी थाना गोविंदपुर जिला पटियाला पंजाब को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
मामले में चालीस पचास लोग अज्ञात दिखाए गए हैं। इनकी शिनाख्त के लिए पुलिस शुक्रवार आधी रात के बाद से शनिवार की सुबह तक गांव में ताबड़तोड़ छापेमारी कर 36 लोगों को हिरासत में लिया था।
पूछताछ के बाद इन सभी को थाने पहुंचे बसपा विधायक जगपाल सिंह की सपुर्दगी में इस शर्त के साथ सौंप दिया गया कि यदि इनकी संलिप्तता साबित होती है तो जेल भेजा जाएगा।