सहारनपुर। नगर निगम के वार्ड छह में चिलकाना रोड की दस कॉलोनियां और दो गांव बालपुर और हलालपुर शामिल हैं। निगम में शामिल होने के दस साल और नगर निगम बोर्ड के गठन को 12 दिसंबर को तीन साल पूरे हो रहे हैं। इन वर्षों में क्षेत्र में क्या बदलाव आया इसकी हकीकत जानने के लिए शुक्रवार को अमर उजाला की टीम पहुंची तो, वहां कच्ची सड़कों और कच्ची नालियों की वजह से जगह-जगह हुए जलभराव तथा गलियों में गंदगी फैली नजर आई। तमाम समस्याओं से यहां के लोग जूझ रहे हैं। नगर निगम की विकास योजनाएं इस वार्ड में धरातल पर असर नहीं दिखा पाईं हैं। पेश है रिपोर्ट...
27 सड़कों में से मात्र तीन बनी
वार्ड की सभी दस कॉलोनियों की ज्यादातर सड़कें कच्ची हैं। गांव बालहपुर और हलालपुर में ग्राम पंचायत के दौरान की सड़कें बनी हुई हैं। क्षेत्र की अहमद कॉलोनी, अजीज कॉलोनी, मित्तल नगर, इशहाक कॉलोनी, राहत कॉलोनी, फरीदा विहार, बाबर कॉलोनी आदि में 27 सड़कों की मांग कई बार की जा चुकी है। मगर अभी तक तीन ही सड़कें बनी हैं। ऐसे में लोग कीचड़ भरी कच्ची सड़कों पर चलने को मजबूर हैं।
घरों के बाहर खोदे हुए हैं गड्ढे
कॉलोनियों में नालियां कच्ची होने की वजह से घरों से निकलने वाला पानी खाली पड़े प्लॉटों और सड़कों पर फैला हुआ है, जिसकी वजह से कीचड़ है। कीचड़ से बचने के लिए अनेक लोगों ने अपने घरों के बाहर गड्ढे खोदे हुए हैं, जिनमें घरों से निकलने वाला पानी जमा होता है। इस पानी को बाल्टियों में भरकर खाली प्लॉटों में डाला जा रहा है।
सफाई व्यवस्था ध्वस्त
वार्ड की अनेक कॉलोनियों में नगर निगम ने अभी तक कूड़ेदान तक नहीं रखवाए हैं। चूंकि सड़कें और नालियां कच्ची हैं। ऐसे में सफाई व्यवस्था भी ध्वस्त है। सरकारी स्कूल के ही पीछे कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कई लोग तालाब में कचरा डालकर उसे दूषित कर रहे हैं।
शौचालय पर जड़ा ताला
गांव हलालपुर में सामुदायिक शौचालय बना है, मगर नगर निगम ने उस पर ताला लगाया हुआ है। ऐसे में लोग शौचालय का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। कई परिवारों के पास व्यक्तिगत शौचालय नहीं होने की वजह से उन्हें खुले में जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति के बावजूद नगर निगम को ओडीएफ प्लस का तमगा मिला हुआ है।
नलकूप में पाथे जा रहे उपले
गांव हलालपुर में ग्राम पंचायत रहने के दौरान का ओवर हैड टैंक बना हुआ है। उसी के नीचे नलकूप के लिए कमरा बना हुआ है। मगर यह नलकूप कई साल से बंद है। ऐसे में लोगों ने नलकूप के कमरे में उपले रखे हुए हैं।
क्षेत्रवासी बोले
- अहमद नगर निवासी चौधरी सलीम पंवार का कहना है कि उनकी कॉलोनी को नगर निगम में आए दस साल बीत चुके हैं, मगर अभी तक कोई सुविधा नहीं मिली है। लोग नरकीय जिंदगी जी रहे हैं।
- हलालपुर निवासी राकेश ने बताया कि जब उनका गांव ग्राम पंचायत का हिस्सा था तो विकास होता था, मगर नगर निगम में आने के बाद कहीं कोई सुनवाई नहीं है। इससे तो बेहतर वह ग्राम पंचायत ही में थे।
- अब्दुल वहीद ने बताया कि हलालपुर में मस्जिद के पीछे की सड़क कई साल से कच्ची पड़ी है। शहर में आने के बाद से गांव में कोई बदलाव नहीं आया है। विकास रुका है।
- हलालपुर निवासी बृजेश का कहना है कि विकास तो छोड़िए उनके श्मशान में छतरी तक नहीं है। बरसात के दिनों में यदि कोई मौत हो जाए तो शव का अंतिम संस्कार करने में परेशानी होती है।
रख चुके हैं 150 प्रस्ताव: पार्षद
क्षेत्र की समस्याओं को लगातार बोर्ड बैठक में उठाता रहा हूं। महापौर और नगरायुक्त से मिलकर भी करीब 150 प्रस्ताव रखे गए हैं। मगर मात्र तीन सड़कें मिली हैं। एक सड़क ऐसी है, जो उनको संज्ञान में लिए बिना ही बना दी गई। क्षेत्र की जनता परेशान है। - नरेंद्र कुमार, पार्षद
शहर का ऐसा कोई वार्ड नहीं है, जिसमें विकास नहीं कराया गया है। वार्ड छह में जो भी समस्याएं हैं। संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर क्षेत्र का सर्वे कराया जाएगा और समस्याओं को दूर किया जाएगा। - ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
पार्षद नरेंद्र कुमार।- फोटो : SAHARANPUR
हलालपुर में बना ओवरहैड टैंक और नलकूप परिसर में पाथे गए उपले।- फोटो : SAHARANPUR
हलालपुर में बंद पड़ा सामुदायिक शौचालय।- फोटो : SAHARANPUR
वार्ड छह में नई बस्ती को जाने वाला मार्ग।- फोटो : SAHARANPUR
अब्दुल वहीद।- फोटो : SAHARANPUR
हलालपुर में घर के बाहर खोदे गए गड्ढे से पानी निकालती बच्ची।- फोटो : SAHARANPUR
राकेश सिंह।- फोटो : SAHARANPUR
वार्ड छह में चिलकाना रोड पर कच्चा नाला।- फोटो : SAHARANPUR
बृजेश।- फोटो : SAHARANPUR
चौधरी सलीम पंवार।- फोटो : SAHARANPUR
ार्ड छह के हलालपुर में सरकारी स्कूल के पीछे फैला कचरा।- फोटो : SAHARANPUR