किसान आंदोलन ने बिगाड़ी ट्रांसपोर्ट कारोबार की चाल
सहारनपुर। दिल्ली में किसान आंदोलन ने अब ट्रांसपोर्ट कारोबार की चाल बिगाड़ दी है। दिल्ली जाने और वहां से आने के लिए रोजाना 150 से 200 ट्रकों के लिए बुकिंग होती है। मगर तीन दिन में यह बुकिंग लगभग 50 फीसदी तक सिमट गई है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि इन हालात में रोजाना दो से तीन करोड़ रुपये के माल की बुकिंग प्रभावित हो रही है। व्यापारियों ने एडवांस बुकिंग से भी हाथ खींच लिए हैं। ट्रांसपोर्टर और व्यापारी फिलहाल आंदोलन के शांत होने का इंतजार कर रहे हैं। जिले के ट्रांसपोर्ट के हालात पर प्रस्तुत है रिपोर्ट।
दिल्ली रूट पर इन प्रमुख सामानों का होता है आवागमन
सहारनपुर से पेपर, गेहूं, आटा, गुड़, चावल, चीनी, दूध पाउडर, केमिकल सहित किराना से जुड़ा सामान दिल्ली की ओर भेजा जाता है। दिल्ली की ओर से दालें, विदेशी फल व सब्जियां, सूखे मेवे, ब्रेड, मसाले के अलावा कई तरह का सामान यहां आता है।
शामली लोनी बार्डर वाले रूट पर भी बढ़ी दिक्कतें
- ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि किसान आंदोलन के कारण पहले तो कुछ वाहनों को गाजियाबाद तक भिजवाकर आगे व्यापारियों ने अपने वैकल्पिक मार्गों से सामान मंगवाया। इसी तरह उधर से यहां सामान भिजवाया गया। बाकी वाहन शामली कांधला लोनी बार्डर वाले रूट से सामान पहुंचाने का प्रयास करते रहे। मगर अब इस रूट पर भी दिक्कतें आ रही हैं। यूपी और हरियाणा दोनों राज्यों से जुड़े मार्गों पर आंदोलन का असर है। इसलिए हरियाणा के रास्तों से होकर दिल्ली जाने का विकल्प भी काम नहीं आ रहा है।
कहीं लोडिंग नहीं हो रही तो कहीं माल की रवानगी अटकी
टीपी नगर में दिल्ली, गाजियाबाद, लोनी बार्डर से जुड़े 20 से अधिक ट्रांसपोर्ट कारोबारी हैं। कुछ ट्रांसपोर्ट प्रतिष्ठानों पर सामान की लोडिंग अटकी पड़ी है तो कुछ जगह ट्रकों में लोडिंग तो कर ली गई मगर रूट खुलने का इंतजार किया जा रहा है।
ट्रांसपोर्टर बोले...
आधी रह गई है बुकिंग : ब्रित चावला
उत्तर प्रदेश मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के अध्यक्ष ब्रित चावला ने बताया कि पहले तो कोरोना काल में पांच माह तक कारोबार ठप रहा। अब एक सप्ताह से किसान आंदोलन से ट्रांसपोर्टर और व्यापारी परेशान हैं। पहले से आधी ही बुकिंग रह गई है। व्यापारी नए माल की बुकिंग के लिए भी आगे नहीं आ रहे हैं।
तीन दिन से खाली बैठे हैं : रमन सेठी
किराना का ट्रांसपोर्ट देखने वाले रमन सेठी कहते हैं कि तीन दिन से तो खाली हाथ बैठे हैं। परचून का बहुत सा सामान यहीं रुक गया है। पहले की आधी बुकिंग होल्ड पर हैं तो नई बुकिंग पर ब्रेक लगा हुआ है। लोडिंग अनलोडिंग करने वाले कर्मचारी भी परेशान हैं क्योंकि उन्हें रोजाना की बुकिंग के आधार पर ही भुगतान होता है।
एडवांस बुकिंग भी नहीं हो रही : तेजपाल
दिल्ली रूट से ही जुड़े ट्रांसपोर्टर तेजपाल का कहना है कि तीन दिन से कई व्यापारियों से डीलिंग की बात नहीं हो पा रही है। आंदोलन के चलते माल सप्लाई को लेकर आशंकित होने के कारण वे एडवांस बुकिंग के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। अधिकतर व्यापारी फिलहाल आंदोलन शांत होने का ही इंतजार कर रहे हैं।
व्यापारी भी है आशंकित : रोशनलाल
ट्रांसपोर्टर रोशन लाल ने कहा कि व्यापारियों के माल की बुकिंग प्री और पोस्ट आर्डर के हिसाब से चलती है। एडवांस बुकिंग में माल बुक करके तय तारीख तक भिजवाने का प्रयास किया जाता है। लेकिन प्री तो क्या अब उससे आगे की एडवांस बुकिंग का भी माल अटक गया है। व्यापारी भी आशंकित हैं। इसलिए आंदोलन के शांत होने का इंतजार है।
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ट्रांसपोर्टर रमन सेठी- फोटो : SAHARANPUR
टीपी नगर में लोडिंग न होने के कारण पड़ा माल- फोटो : SAHARANPUR
टीपी नगर में माल की लोडिंग न होने की परेशानी बताते ब्रित चावला।- फोटो : SAHARANPUR
ट्रांसपोर्टर तेजपाल- फोटो : SAHARANPUR
ट्रांसपोर्टर रोशन लाल- फोटो : SAHARANPUR
टीपी नगर में लोडिंग के इंतजार में पड़ा माल।- फोटो : SAHARANPUR