खुमरान पुल स्थित कार्यालय पर पत्रकारो से वार्ता करते पार्षद टिंकू अरोड़ा
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सहारनपुर। महापौर संजीव वालिया द्वारा सहारनपुर को सड़हांदपुर कहे जाने पर नया विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के पार्षदों ने पत्रकार वार्ता कर उनके बयान की निंदा की है, साथ ही महापौर द्वारा गिनाई गई चार साल के अपने कार्यकाल की उपलब्धियों पर भी सवाल उठाए हैं।
नगर निगम बोर्ड के चार साल पूरे होने पर महापौर संजीव वालिया ने रविवार 12 दिसंबर को पत्रकार वार्ता करते हुए अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाई थीं। उन्होंने कहा था कि उनके कार्यकाल से पहले लोग सहारनपुर को सड़हांदपुर के नाम से पुकारते थे, लेकिन उनके कार्यकाल में शहर से 138 उठानघर खत्म किए गए हैं। कचरा प्रबंधन के लिए बेहट रोड पर भूमि खरीदी गई है। दस एमआरएफ सेंटर शहर में चल रहे हैं। कुछ समाचार पत्रों ने उनके बयान को ऐसे ही प्रकाशित कर दिया था, जिसके बाद समाजवादी पार्टी के पार्षदों ने सहारनपुर को सड़हांदपुर कहने पर आपत्ति व्यक्त की है। वार्ड 47 के पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा के निवास पर पत्रकार वार्ता की गई, जिसमें कई पार्षद और पार्षद प्रतिनिधि मौजूद रहे। टिंकू अरोड़ा ने कहा कि सहारनपुर मां शाकंभरी देवी की धरती है। जिसे सड़हांदपुर कहना निंदनीय है, साथ ही महापौर द्वारा गिनाई गई उपलब्धियों पर भी सवाल उठाया। पार्षद प्रतिनिधि हाजी नसीम ने उनके वार्ड की अनदेखी करने का आरोप नगर निगम बोर्ड पर लगाया। पार्षद प्रतिनिधि सुशील सोनकर ने आरोप लगाया कि वह एक नाले के लिए कई बार प्रार्थना पत्र निगम में दे चुके हैं, लेकिन नाला नहीं बन रहा है। पत्रकार वार्ता में पार्षद प्रतिनिधि नदीम आदि मौजूद रहे।
नगर निगम बोर्ड के चार वर्ष पूरे होने पर की गई पत्रकार वार्ता में भी मेरे द्वारा ऐसा कोई शब्द नहीं बोला गया है। ना ही मैने कभी सहारनपुर को सड़हांदपुर कहा है। यदि किसी समाचार पत्र ने ऐसा प्रकाशित किया है तो मैं खुद को उससे अलग करता हूं।
संजीव वालिया, महापौर।