सरसावा (सहारनपुर)। राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों के बीच मारपीट प्रकरण नया नहीं है। छह माह पहले बीते वर्ष नवंबर में भी जूनियर तथा सीनियर छात्रों के बीच जमकर मारपीट तथा हंगामा हुआ था। इसमें दोनों ने एक दूसरे के हॉस्टलों पर पथराव किया था तथा कांच की बोतल भी फेंकी थीं। स्थिति ये थी कि बीच-बचाव करने गई पुलिस के साथ भी मेडिकल छात्रों ने मारपीट तथा हाथापाई की थी।
मंगलवार रात्रि एक बार फिर से राजकीय मेडिकल कॉलेज में जूनियर तथा सीनियर छात्रों के बीच जमकर मारपीट हंगामा हुआ। दरअसल राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस करने आए जूनियर तथा सीनियर छात्रों के बीच मारपीट प्रकरण नया नहीं है। कॉलेज में पूर्व में भी दर्जनों बार मारपीट तथा हंगामा हो चुका है। साल 2021 के नवंबर माह में भी रैगिंग को लेकर मेडिकल कॉलेज में जूनियर तथा सीनियर छात्रों के बीच विवाद हो गया था। सीनियर तथा जूनियर छात्रों के बीच हॉस्टल में रैगिंग को लेकर छींटाकशी से आरंभ हुई बात हिंसक संघर्ष में बदल गई थी। उस दौरान दो दिन तक जूनियर तथा सीनियर छात्रों के बीच रुक रुक कर पथराव करने तथा शराब तथा बीयर की खाली बोतलें फेंकने की घटनाएं सामने आई थीं। पुलिसकर्मियों के साथ भी एमबीबीएस छात्रों ने हाथापाई की थी। विवाद थमने के बाद मेडिकल प्रशासन की गुहार पर पुलिस ने जब हॉस्टल को खाली कराया तो वहां से बड़ी संख्या में शराब की खाली बोतलें और बोतलों का कांच बिखरा हुआ मिला था। उस प्रकरण में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य द्वारा काफी छात्रों को शिक्षण एवं हॉस्टल से निष्कासित भी कर दिया गया था। जिन्हें भारी जुर्माना लगाकर तथा सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करने के पश्चात ही मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिया गया था। इस बार मंगलवार रात को मारपीट प्रकरण हुआ तो जैसे ही जूनियर छात्रों ने नामजद तहरीर दी पुलिस ने बिना किसी हीला हवाली के तत्काल ही आरोपी छात्रों के विरुद्ध मारपीट की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया।