सहारनपुर। काष्ठ हस्तशिल्प के सामान्य सुविधा केंद्र के इसी माह में शुरू होने की संभावना है। इसके शुरू होने से काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों की गुणवत्ता सुधरने के साथ ही निर्यात को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
पिलखनी स्थित सामान्य सुविधा केंद्र में उच्चस्तरीय और आधुनिक मशीनें लगाई जा रही है। इसमें आधुनिक डिजाइनिंग सेंटर, लैब, सीजनिंग प्लांट, प्रशिक्षण केंद्र, विपणन केंद्र आदि बनाए जा रहे हैं। जिसमें काष्ठ हस्तशिल्पियों से लेकर उद्यमी तक सस्ती दरों पर काम करा सकेंगे। इसके शुरू होने से न सिर्फ काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों की गुणवत्ता सुधरेगी बल्कि लागत में भी कमी आएगी। इससे जनपद के काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यात में इजाफा होगा।
दरअसल, जनपद के काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों की दुनिया भर में काफी मांग है। यहां से बड़े पैमाने पर विश्व के कई देशों को काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात होता है। जिले में काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों का सालाना कारोबार करीब 1400 से 1600 करोड़ रुपये का है। इसमें से 1100 से 1200 करोड़ रुपये का निर्यात भी शामिल है। यह उद्योग एक से सवा लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मुहैया करा रहा है।
वर्जन:
काष्ठ हस्तशिल्प सामान्य सुविधा केंद्र के इसी माह शुरू होने की संभावना है। अभी बॉयलर स्थापित किया जा रहा है। इसके शुरू होने से काष्ठ हस्तशिल्पियों को काफी लाभ होगा। इसमें आधुनिक मशीनें लगाई जा रही हैं। इसमें उद्यमी सस्ती दरों पर उच्चस्तरीय मशीनों से काम करा सकेंगे। वीके कौशल, उपायुक्त उद्योग।