सहारनपुर। मां शाकंभरी विश्वविद्यालय ने बीएड पाठ्यक्रम सत्र 2022-24 के लिए मंडल के बीएड कॉलेजों से विभिन्न बिंदुओं पर सूचना देने को कहा था, लेकिन बीएड कॉलेज सूचना देने में आनाकानी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इससे निजी बीएड कॉलेजों को पोल पट्टी खुलने का डर है। कुलसचिव वीरेंद्र कुमार मौर्य ने कॉलेजों को दोबारा पत्र लिखकर 24 मई तक निर्धारित प्रारूप के तहत सूचनाएं देने को कहा है।
कुलसचिव ने पहला पत्र 21 अप्रैल को लिखा था, जिसमें बीएड कॉलेजों को निर्धारित प्रारूप पर सूचनाएं देने को कहा था। सूचनाओं में बीएड पाठ्यक्रम में कार्यरत विभागाध्यक्ष, शिक्षकों के संबंध में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद जयपुर के विनियमन 2014 के अनुरूप सूचना एवं उनका नोटरी शपथ पत्र, एनसीटीई शासन एवं विश्वविद्यालय से प्राप्त मान्यता के संबंध में निर्गत पत्र की प्रमाणित छायाप्रतियां शामिल थीं। इनके अलावा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद जयपुर के विनियमन 2014 के अनुरूप प्रबंधक द्वारा 100 रुपये के स्टांप पेपर पर नोटरी शपथ पत्र उपलब्ध कराने को कहा था। इसी के तहत कहा गया था कि यदि सत्र 2021-23 के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद जयपुर से मान्यता प्राप्त है तो उसका संबद्धता पत्र भी उपलब्ध कराएं। यह भी कहा गया था कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद जयपुर के मानकों के अनुसार सभी मानक पूर्ण होने चाहिए। जिन शिक्षकों की सूचना उपलब्ध कराई गई है उनकी सत्र 2021-23 के लिए उपलब्ध होने चाहिए। कार्यरत शिक्षकों का वेतन उनके बैंक खाते में हस्तांतरित किया जा रहा है तो एक वित्तीय वर्ष की प्रमाणित प्रति भी उपलब्ध कराने को कहा गया था। इसके अलावा शिक्षकों के वेतन से पीएफ की कटौती की जा रही है। इसका भी प्रमाणपत्र पासबुक की छाया प्रति जो प्राचार्य द्वारा हस्ताक्षरित हो देने को कहा था। माना जा रहा है कि कई निजी बीएड कॉलेजों के पास न तो नियमानुसार पर्याप्त शिक्षक हैं और न ही वह उन्हें नियमानुसार वेतन दे रहे हैं, जिसकी वजह से सूचनाएं देने में देरी हो रही है। अब देखना यह है कि 24 मई तक कितने कॉलेज सूचना उपलब्ध कराते हैं।
मां शाकंभरी विश्वविद्यालय से संबद्ध बीएड कॉलेजों ने बीएड के संबंध में विभिन्न बिंदुओं पर सूचना देने को कहा गया था, लेकिन कई कॉलेजों ने सूचना नहीं दी है। पुन: पत्र लिखा गया है, जिसमें 24 मई तक सूचना देने को कहा गया है।
वीरेंद्र कुमार मौर्य, कुलसचिव, मां शाकंभरी विश्वविद्यालय, सहारनपुर।