कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के मामले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने विभोर राणा और उसके भाई विशाल सिंह की फर्म का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। वहीं, शनिवार को भी ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की टीम ने सीआरपीएफ जवानों की मौजूदगी में उनके शास्त्री नगर स्थित आवास व कार्यालय को खंगाला। एक-एक दस्तावेजों की बारीकी से जांच की।
जीआर ट्रेडिंग का लाइसेंस विभोर राणा और एबट हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड फर्म का लाइसेंस विशाल सिंह के नाम पर है। दोनों सगे भाई हैं। इन पर आरोप है कि दोनों भाइयों ने अपने साथियों के साथ मिलकर कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी यूपी के अलावा पश्चिम बंगाल, असम, उत्तराखंड, बिहार और बांग्लादेश में की है।
विभोर, विशाल, सचिन और बिट्टू 12 नवंबर को एसटीएफ ने पकड़े थे। उसके बाद से व्यापार में शामिल एक-एक की गिरफ्तारी होती जा रही है। दो दिन से ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) विभोर और उसके भाई विशाल सिंह के आवास और कार्यालय में जांच कर रही है।
शनिवार को भी दिन निकलते ही ईडी ने आवास व कार्यालय पर अवैध दवा बिक्री से जुड़े दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की। देर शाम तक ईडी की कार्रवाई चलती रही। उधर, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। सहायक आयुक्त औषधि दीपालाल और औषधि निरीक्षक राघवेंद्र सिंह शास्त्री नगर में दोनों भाइयों के आवास पर पहुंचे। यहां उन्होंने आवास के बाहर दोनों की फर्म का औषधि विक्रय लाइसेंस को निरस्त कर दिया है।