गिरोह बनाकर पहुंचाई राजस्व हानि
गिरोह बनाकर सरकार को राजस्व हानि पहुंचाने के उद्देश्य से अभिलेखों में फर्जीवाड़ा व हेराफेरी, जीपीएस, सीसी कैमरे जैसे तकनीकी निगरानी उपकरणों से अवैध रूप से छेड़छाड़ की गई। बड़ी मात्रा में एक्साइज की चोरी, जीएसटी चोरी, इनकम टैक्स चोरी और मनी लॉड्रिंग की गई। आरोप है कि 11 महीने में लगभग 35 करोड़ रुपये की एक्साइज चोरी की गई। जांच में अपराध की पुष्टि होने पर डीएम मनीष बंसल के अनुमोदन पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है।
बरेली-बदायूं के ये लोग हैं आरोपी
गैंगस्टर मामले में आरोपी बनाए गए फैक्टरी के एमडी प्रणय अनेजा का पता रिकॉर्ड में दिल्ली का दर्ज है। हालांकि वह बदायूं का मूल निवासी है और बदायूं सदर सीट से सपा विधायक रहे दिवंगत जोगेंद्र सिंह अनेजा का पौत्र है। शराब के अलावा वह सराफा और रियल एस्टेट जैसे कई कारोबार से जुड़ा है और बरेली में भी उसका व्यवसाय है। मनोज जायसवाल व उसका भाई नीरज जायसवाल शहर के ग्रीन पार्क में रहते हैं।
फैक्टरी प्रबंधन से जुड़ा सीबीगंज (बरेली) निवासी अश्विनी कुमार उपाध्याय, भमोरा के गांव बल्लिया निवासी अजय जायसवाल व मनीष उर्फ मिंटू जायसवाल को आरोपी बनाया है। बदायूं जिले के बिसौली कस्बे में बुध बाजार निवासी सीएल टू गोदाम का मैनेजर प्रदीप गुप्ता, बदायूं जिले के बिल्सी थाने के नागरझूना गांव का निवासी वीरेंद्र शंखधार भी आरोपी बनाए हैं।