वर्ष 2010 में निगम गठन के दौरान 32 गांवों को किया गया शहर में शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। 20 वर्ष में सहारनपुर शहर की आबादी दोगुना और दायरा तीन गुना बढ़ गया है। पहले एक ओर जहां शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक की लंबाई तीन किलोमीटर में खत्म हो जाती थी, अब उसकी लंबाई बढ़कर दस किलोमीटर हो गई है।
वर्ष 2001 में शहर में नगर पालिका थी। वरिष्ठ पार्षद मंसूर बदर ने बताया उस दौरान शहर की आबादी करीब 3.5 लाख थी, जो वर्तमान में 6.70 लाख के आसपास है। यानी 20 साल में शहर की आबादी में दोगुना इजाफा हुआ है। इसके अलावा शहर का दायरा पूरब में जिला अस्पताल से पश्चिम के अंबाला रोड स्थित कल्पना टाकिज तक था, जिसकी लंबाई करीब चार किलोमीटर बैठती है। इसी प्रकार उत्तर में बेहट बस अड्डा से दक्षिण में दिल्ली रोड स्थित हसनपुर तक था, जिसकी लंबाई करीब 5.5 किलोमीटर बैठती है। अब यह दायरा दोगुना से अधिक बढ़ा है। अब पूरब में गांव दाबकी से लेकर अंबाला रोड स्थित बड़ी नहर के पुल तक तथा उत्तर में गांव चकदेवली से लेकर दक्षिण में दिल्ली रोड स्थित पैरामाउंट ट्यूलिप कॉलोनी से आगे तक है, जिसकी लंबाई करीब 13 किलोमीटर बैठती है।
2010 में बढ़ी आबादी और दायरा
वर्ष 2010 में बसपा सरकार में शहर को नगर पालिका से नगर निगम बनाया। इसके लिए शहर के आसपास के 32 गांवों को शहर में शामिल किया। इसके बाद शहर की आबादी और दायरे में बढ़ोत्तरी हुई।