सहारनपुर। भाजपा विधानसभा चुनाव में जगपाल सिंह को देहात सीट से चुनाव मैदान में उतार सकती है। चर्चा है कि बसपा से टिकट कटने के बाद मिलने की शर्त पर ही जगपाल सिंह भाजपा में शामिल हुए हैं। उनको चुनाव लड़ाने की प्रबल वजह यह भी मानी जा रही है कि वह यहां से चार बार विधायक रह चुके हैं। उनके जरिए भाजपा इस सीट पर 28 साल का सूखा खत्म करना चाहेगी। इस सीट पर दलित वोटों की संख्या एक लाख से अधिक है। इसलिए जगपाल सिंह को भाजपा का मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
वर्तमान में सहारनपुर देहात सीट पूर्व में हरौड़ा के नाम से थी। यहां से बसपा सुप्रीमो मायावती भी दो बार विधायक रह चुकी हैं। भाजपा की बात करें तो अंतिम बार वर्ष 1993 में मोहर सिंह यहां से विधानसभा पहुंचे थे। उन्हें 40,692 वोट मिले थे, जबकि दूसरे स्थान पर जनता दल की विमला राकेश रही थीं। उन्हें 37,601 वोट मिले थे। इसके बाद से भाजपा इस सीट पर जीत नहीं पाई। भाजपा ने प्रत्याशी बदलकर देेख लिए परंतु जीत से दूर रही है। ऐसे में जगपाल सिंह भाजपा के लिए तुरुप का पत्ता साबित हो सकते हैं। वह पहली बार 1998 में इस सीट पर चुनाव लड़े और जीत हासिल की। उन्होंने पहली बार में 46,737 वोट हासिल कर भाजपा के मोहर सिंह को हराया था। मोहर सिंह को 30,391 वोट मिले थे। जगपाल सिंह चार बार विधायक रहे हैं। मायावती के मुख्यमंत्रित्व काल में जनपद में उनके प्रतिनिधि के तौर पर पहचान रख चुके जगपाल सिंह को भाजपा से टिकट तय माना जा रहा है। इसकी प्रमुख वजह देहात सीट पर दलित वोट बैंक भी है।
भाजपा का गणित
देहात सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या सर्वाधिक है। उनकी संख्या करीब 1,30,000 है। दूसरे नंबर पर दलित मतदाता हैं। इनकी संख्या करीब एक लाख है। दलित और मुस्लिम के अतिरिक्त अन्य वोटरों की संख्या की बात करें तो उनकी संख्या करीब 1,17,000 है। ऐसे में दलित और अन्य बिरादरी के वोटरों की संख्या करीब 2,17,000 बैठती है। ये मुस्लिम मतदाताओं से करीब दोगुने हैं। मुस्लिम वोट सपा, कांग्रेस और बसपा तीनों पर जाएगा। उसी प्रकार दलित वोटर भी बसपा के बाद सपा, कांग्रेस और भाजपा पर जा सकते हैं।
मायावती दो बार रहीं विधायक
बसपा सुप्रीमो मायावती देहात सीट (पूर्व में हरौड़ा) से दो बार विधायक रह चुकी हैं। पहली बार उन्होंने 1996 में विमला राकेश को पराजित किया था। दूसरी बार 2002 में 70,800 मत हासिल कर पुन: विमला राकेश को हराया था।
दो बार चुनाव हारे जगपाल
जगपाल सिंह देहात सीट पर दो बार चुनाव हारे हैं। 2003 में विमला राकेश ने 84,839 वोट हासिल कर शिकस्त दी थी। इसके बाद जगपाल सिंह वर्ष 2017 में चुनाव हारे। इस चुनाव में कांग्रेस के मसूद अख्तर ने जीत हासिल की थी।
देवबंद से चुनाव लड़ सकते हैं सुरेश राणा
सहारनपुर। थाना भवन सीट से भाजपा विधायक और प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा के देवबंद सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा है। इस सीट पर वर्तमान में भाजपा के कुंवर ब्रिजेश विधायक हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी इस बार इस सीट पर सुरेश राणा को चुनाव मैदान में उतार सकती है।