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जरा-जरा सी बात पर घातक कदम उठा रहे नाबालिग

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सहारनपुर। जिले में जरा-जरा सी बात पर नाबालिग बच्चों और छात्रों द्वारा जघन्य अपराध करने की घटनाएं हो चुकी हैं। आवेश में आकर बच्चे पहले तो घातक कदम उठा लेते हैं, लेकिन बाद में इन्हें पछतावा भी होता है। वहीं, मनोरोग विशेषज्ञ कहते हैं कि नाबालिग बच्चों और छात्रों की समय-समय पर काउंसिलिंग होनी चाहिए।
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रामपुर मनिहारान निवासी वंश की हत्या में एक आरोपी नाबालिग है, जिसका बैग की तनी तोड़ने को लेकर दूसरे छात्र से विवाद हुआ था। जिस छात्र का बैग था उस छात्र के पक्ष की तरफ से वंश झगड़े में शामिल हुआ और आरोपियों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। गंगोह में भी छात्रों के दो गुटों में संघर्ष की घटना तूल पकड़ रही है। झगडे़ में चार छात्र घायल हुए। यहां तक की हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लोगों ने थाने का घेराव कर जाम तक लगाया। इसी तरह जिले में पहले भी कई वारदात हो चुुकी हैं। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अमरजीत पोपली और डॉ. ऐजाज अहमद का कहना है कि बच्चों और छात्रों की समय-समय पर काउंसिलिंग होनी चाहिए। ऐसे बच्चे उत्तेजना में घातक कदम उठाते हैं, लेकिन इसके बाद इन्हें पछतावा भी होता है। ऐसे बच्चों पर घर के माहौल और फिल्म आदि देखने का असर पड़ता है। स्कूल में अध्यापक और घरों पर अभिभावकों को बच्चों की काउंसिलिंग करनी चाहिए। उन्हें गलत और सही के बारे में समय-समय पर अवगत कराना चाहिए। ताकि भविष्य में कोई नाबालिग इस तरह के जघन्य अपराध को अंजाम न दे।
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जिले में हुईं प्रमुख घटनाएं
- पुरानी मंडी में नाबालिग लड़के ने दुष्कर्म में विफल होने पर बच्ची को मार दिया था।
- गंगोह में मोबाइल फोन न देने पर नाबालिग लड़के ने अपने सगे भाई की हत्या कर दी थी।
- खाताखेड़ी में नाबालिग लड़के ने प्रेम-प्रसंग के चलते अपनी बहन को मौत के घाट उतार दिया था।
- थाना फतेहपुर क्षेत्र में एक नाबालिग बच्चे ने जरा से विवाद में अपने-भाई बहनों पर धारदार हथियारों से हमला कर घायल कर दिया था।
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