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सीएम योगी से सहारनपुर को ये बड़ी उम्मीदें, योजनाएं पूरी होने का इंतजार, लोग आज फिर करेंगे मांग

Sat, 08 Aug 2020 11:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सहारनपुर में आ रहे हैं। जिले को उनसे कई उम्मीदें हैं। कुछ ऐसी परियोजनाएं हैं जो जिले के विकास को पंख लगाएंगी तो कुछ पुरानी समस्याएं भी हैं जिनका समाधान नहीं हो रहा है। वहीं कुछ ऐसे कार्य हैं जो अधर में लटके हैं, जिनका पूरा होना आवश्यक है।

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कृषि और किसान
सहारनपुर जिले के किसानों का करीब 650 करोड़ रुपये चीनी मिलों पर बकाया है, जबकि मंडल की बात करें तो करीब 2400 करोड़ रुपये बकाया है। चीनी मिल मालिक मनमानी करते हैं, समय पर भुगतान नहीं मिलता। 14 दिन में भुगतान करने के नियम का भी पालन नहीं हो रहा है। किसान आंदोलन भी कर रहे हैं। भुगतान हो जाए तो किसानों को काफी राहत मिलेगी।

स्वास्थ्य
जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने की दरकार है। राजकीय मेडिकल कॉलेज तो है, मगर सुविधाओं का अभाव है। गंभीर मरीज को रेफर कर दिया जाता है, कॉर्डियोलॉजिस्ट भी नहीं है। जिला अस्पताल में ही फिजीशियन तक नहीं और चिकित्सकों के 50 प्रतिशत तक पद रिक्त हैं। चिकित्सकों की तैनाती हो जाए तो व्यवस्था और बेहतर ढंग से चल सकेगी।
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शिक्षा
- यूनिवर्सिटी के लिए धनराशि जारी हो गई है, लेकिन निर्माण शुरू नहीं हो सका है। सीसीएसयू से हटाकर मंडल के तीनों जिले के कॉलेजों को राजकीय यूनिवर्सिटी से संबद्ध कराकर शैक्षिक सत्र शुरू कराने की जरूरत है।

यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सहारनपुर में, अधिकारियों के साथ होगी अहम बैठक, ये होगा पूरा कार्यक्रम

सड़क
- दिल्ली सहारनपुर हाईवे का निर्माण अभी जिले में रफ्तार नहीं पकड़ सका है, इसका शिलान्यास सितंबर 2018 में किया गया था। सहारनपुर से प्राचीन सिद्धपीठ शाकंभरी देवी मंदिर तक मार्ग का चौड़ीकरण होना है, मगर कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इसका चौड़ीकरण हो जाए तो शाकंभरी देवी मंदिर के दर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।
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पुलिस
- भौगोलिक स्थिति के लिहाज से जिले में कई थानों के क्षेत्र काफी बड़े हैं। नए थानों के सृजन का प्रस्ताव पूर्व में तैयार हुआ था। इनमें गंगोह कोतवाली क्षेत्र में अंबेहटा चौकी और शेखपुरा चौकी को थाना बनाने की बेहद जरूरत है। इसके अलावा शहर में कुतुबशेर और कोतवाली देहात थाना सड़क किनारे पर चल रहे हैं। पुलिस द्वारा जब्त किए वाहन सड़क तक खड़े रहते हैं। इन थानों को अन्यत्र शिफ्ट किए जाने की जरूरत है।

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