बेहट(सहारनपुर)। जिला पंचायत के परिवहन शुल्क वसूलने वाली कंपनी के प्रतिनिधि मेरठ के कायस्थ बडढा गांव निवासी अब्दुल बारी ने पूर्व एमएलसी इकबाल समेत चार के खिलाफ एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
अब्दुल बारी चौधरी कंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली का प्रतिनिधि है। कंपनी ने ई-ऑक्शन के माध्यम से जिला पंचायत सहारनपुर का परिवहन शुल्क वसूली टेंडर लिया है। कई स्थान पर कंपनी की वसूली पोस्ट बनाई गई हैं। आरोप है कि आठ अगस्त की सुबह गंदेवड़ तिराहे के पास जिला पंचायत की पोस्ट पर कुछ लोग बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियों में आए। उस समय वह वहां मौजूद था।
आरोप यह भी है कि उन्होंने उसे अलग ले जाकर कहा कि यह काम लेकर गलती कर दी है। इस काम के टेंडर में पिछले छह माह से कोई नहीं ले रहा था। आरोप है कि उन्होंने कहा कि हाजी इकबाल का सारा काम उनके भाई महमूद के साले देखते हैं। इकबाल व्हाट्सएप और फेस टाइम एप के जरिए बड़े भाई महमूद के बड़े साले वसीम से बात करते हैं, गतिविधियां कराते हैं। इसलिए वह उसे यह बताने आए हैं कि वह हमें टेंडर की रकम में से एक करोड़ रुपये दे और जिस प्रकार वह लोग बताएं उसी तरह काम करें।
अगर एक करोड़ रुपये नहीं दिए तो उन्हें व उनकी कंपनी में काम करने वालों की जान ले लेंगे। पीड़ित का कहना है कि वसीम व वजाहत अली व उनके साथी शान चौधरी निवासी मेरठ को वह पहले से ही जानते और पहचानते है, क्योंकि वह भी मेरठ के ही रहने वाले है। एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर हाजी इकबाल समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।