मंडल मुख्यालय होने के बावजूद जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में न विशेषज्ञ चिकित्सक हैं न दवा
वर्ष 2020 में कैंसर के 22 मरीज सरकारी अस्पताल पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। कैंसर लोगों को तेजी से चपेट में ले रहा है। मंडल मुख्यालय होने के बावजूद सहारनपुर के जिला अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज में इसके इलाज की सुविधा नहीं है। यहां कैंसर की जांच में पुष्टि होने पर मरीज को रेफर कर दिया जाता है।
वर्ष 2020 में जनपद में कैंसर के कुल 22 मामले सामने आए। इनमें मुंह के कैंसर के पांच, ब्रेस्ट कैंसर के दो और अन्य 15 मामले शामिल रहे। जिला अस्पताल और सीएचसी स्तर से इनकी जांच कराई गई। प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद इनको रेफर कर दिया। इसी प्रकार वर्ष 2019 में अप्रैल से दिसंबर तक कुल 19 मामले कैंसर के जिला अस्पताल पहुंचे। इसके बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर किया था।
कैंसर की रोकथाम के लिए व्यवस्था
चिकित्सकों की माने तो तंबाकू उत्पाद का किसी भी रूप में सेवन कैंसर की सबसे बड़ी वजह है।
जिला अस्पताल स्थित तंबाकू मुक्ति परामर्श केंद्र में पहुंचने वाले मरीजों की डॉ. बुशरा अंसारी काउंसिलिंग करती हैं। तंबाकू उत्पादों का सेवन छुड़ाने के लिए जरूरी दवा देती हैं। इसके अतिरिक्त कैंसर की सामान्य जांच की सुविधा है।
कैंसर से बचाव के तरीके
- तंबाकू के उत्पादों और शराब का सेवन न करें।
- लाल मीट न खाएं और नियमित व्यायाम करें।
- डिब्बा बंद खाना न खाएं। सफाई का ध्यान रखें।
वर्जन
सरकारी अस्पताल में कैंसर के इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं। हालांकि यहां जांच की सुविधा है। पुष्टि होने पर मरीज को हायर सेंटर रेफर किया जाता है।-डॉ. बीएस सोढ़ी, सीएमओ
कैंसर को लेकर जागरूकता जरूरी
महिलाओं में ब्रेस्ट और योनी कैंसर के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। चिकित्सकों की माने तो देरी से बच्चे पैदा करना या बच्चे न होना, पीरियड्स का गड़बड़ाना भी कैंसर की वजह हो सकता है। महिला व प्रसूता रोग विशेषज्ञ डॉ. नैना मिगलानी का कहना है कि यदि हम अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें और समय-समय पर जांच कराते रहें। इसका समय से पता चलने पर इलाज संभव रहता है।
ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण
- ब्रेस्ट में गांठ होना।
- ब्रेस्ट से रक्त या तरल पदार्थ का निकलना।
- ब्रेस्ट की बनावट में बदलाव आना।
इन महिलाओं को अधिक खतरा
- 30 साल की उम्र के बाद बच्चा होना।
- जिन महिलाओं केे बच्चे नहीं होते।
- 12 साल की उम्र से पहले पीरियड होना या 55 साल के बाद भी पीरियड होते रहना।
- बच्चों को स्तनपान नहीं कराना।
योनी कैंसर के लक्षण
- पीरियड का गड़बड़ाना और पेट में दर्द होना।
- ज्यादा बच्चे पैदा करना।
- 16 साल से पहले या 40 साल के बाद शादी करना।
- फैमिली हिस्ट्री यानी परिवार में किसी अन्य को हुआ हो।