सहारनपुर। पेट्रोल और डीजल के बढ़ती कीमत को देखते हुए लोग बैटरी से चलने वाले वाहनों को तरजीह दे रहे हैं। यही वजह है कि ई-रिक्शा के साथ बैटरी से चलने दोपहिया वाहन भी ऑटो कंपनियों ने बाजार में उतारे हैं। लोगों की जरूरत को देखते हुए सरकार ने देशभर में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनाने का निर्णय लिया है। सहारनपुर में इसका ठेका निजी कंपनी को दिया गया है।
नगर निगम क्षेत्र में दस इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने हैं। इनमें दुपहिया वाहनों के छह तथा चार पहिया वाहनों के चार स्टेशन शामिल हैं। खास बात यह है कि कंपनी को स्टेशन तैयार करने के लिए जमीन नगर निगम मुहैया कराएगा। इसके लिए सरकार ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह कंपनी के लिए जमीन तलाश दें। मगर सहारनपुर शहर में चार्जिंग स्टेशनों के लिए जगह नहीं मिल रही है। इसकी वजह से इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना अधर में है। निगम सूत्रों ने बताया कि एक स्टेशन के लिए लगभग उतनी ही जगह चाहिए, जितनी पेट्रोप पंप के लिए चाहिए होती है।
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खर्च के साथ वायु और ध्वनि प्रदूषण होगा कम
बैटरी से चलने वाले वाहनों से एक ओर जहां आवाज ना के बराबर होगी। वहीं, इनसे वायु प्रदूषण भी कम होगा। ऐसे में माना जा रहा है कि अगला दशक बैटरी से चलने वाले वाहनों का होगा। खासकर एनसीआर में क्षेत्र के लिए यह योजना महत्वपूर्ण है। खास बात यह है कि बैटरी से चलने वाले वाहनों का खर्च पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों से बेहद कम है। ऐसे में इससे आर्थिक बचत भी होगी।