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अवैध निर्माण के खिलाफ जल्द चलेगा बुलडोजर

Tue, 04 Jul 2017 11:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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अवैध निर्माण। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में पिछले पांच साल में अफसरों और नेताओं की शह पर कराए गए अवैध निर्माणों को विकास प्राधिकरण चिह्नित करने का अभियान छेड़ेगा।     इन अवैध निर्माणों को नियमित करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी और इसमें फिट नहीं बैठने वाले निर्माण का ध्वस्तीकरण भी किया जाएगा। ण्
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इसके लिए नवनियुक्त उपाध्यक्ष ने पदभार संभालने के बाद से ही कार्ययोजना तैयार करनी शुरू कर दी है। उधर, रेलवे रोड पर नियमों को ताक पर रखकर करीब आधा दर्जन अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी है।

शहर के सुनियोजित विकास के लिए विकास प्राधिकरण अब पांच साल में कराए गए अवैध निर्माणों को चिह्नित करेगा। इसके लिए जोनवार अभियान चलाया जाएगा और पहले चरण में बिना नक्शा स्वीकृत कराए तैयार किए गए कॉमर्शियल इमारतों की सूची तैयार होगी।
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यहां बता दें कि सहारनपुर में पिछले पांच वर्षों में धड़ल्ले से अवैैध निर्माण कर लिया गया हैं। इसमें सबसे ज्यादा निर्माण पुराने शहर में किया गया, यहां नियमों को ताक पर रखकर बड़े-बड़े अवैैैध कॉमर्शियल कांप्लेक्स तक बना दिए गए।

सबसे अहम बात यह है कि ज्यादातर अवैध निर्माणों के चालान तक नहीं काटे गए हैं, इससे विकास प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। इससे पहले सहारनपुर शहर में 35 सौ अवैध निर्माणों को चिह्नित किया जा चुका है।

शहर के ज्यादातर हिस्सों में अवैध निर्माण खुलेआम विकास प्राधिकरण की नाक तले  किए जा रहे हैं। इसमें घंटाघर बिजली दफ्तर के बगल में, एसएएम इंटर कालेज के ठीक सामने, रेलवे रोड मेन रोड और व्यापार भवन वाली दोनों गलियों में, मोहल्ला चौधरियान, सर्राफा बाजार, कोर्ट रोड पर दूसरी मंजिल पर कई कॉमर्शियल इमारतों पर निर्माण।

अवैध निर्माण करने वालों को विकास प्राधिकरण के अभियंताओं की पूरी शह मिल रही है। यही कारण है कि अब भी शहर के सबसे व्यस्तम घंटाघर के पास रेलवे रोड पर धड़ल्ले से अवैध निर्माण जारी है।

घंटाघर से चंद कदमों की दूरी पर रेलवे रोड पर तीन मंजिला बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि एसडीए के अफसरों को इस अवैध निर्माण की भनक नहीं है, मगर निजी हितों के चलते इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

इसके अलावा व्यापार भवन की तरफ की दोनों गलियों में बड़ी-बड़ी कामर्शियल इमारत खड़ी की गई है। सबसे अहम बात यह है कि गलियों में अवैध बेसमेंट तक तैयार कर लिया गया है। यह सब अवैध निर्माण विकास प्राधिकरण के रडार पर है।
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