सहारनपुर। लोकसभा चुनाव को लेकर सियासत गरमा गई है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने सियासी दावपेंच आजमा रहे हैं। ऐसे में भाजपा ने एक बार फिर से जातीय कार्ड खेला है। सामाजिक सम्मेलन के बहाने भाजपा न केवल जाट समाज, कश्यप समाज, सैन समाज, बल्कि गुर्जर और उपाध्याय समाज को भी साधने का प्रयास कर रही है। अब यह तो आने वाले समय में ही पता चलेगा कि सहारनपुर सीट पर भाजपा का जातीय कार्ड कितना मुफीद साबित होता है।
दरअसल, सहारनपुर लोकसभा सीट को मुस्लिम बाहुल्य सीट माना जाता है, लेकिन यहां पर अन्य जातियों को मतदाता भी चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं। 2019 के चुनाव में सहारनपुर लोकसभा सीट गंवाने के बाद इस बार भाजपा कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ना चाह रही। इसी वजह से अब नगर और देहात विधानसभा क्षेत्र में बुधवार से सामाजिक सम्मेलन का आगाज कर दिया। 21 फरवरी से शुरू हुए यह सम्मेलन एक मार्च तक चलेंगे। पहला सम्मेलन जाट समाज को साधने के लिए देहात विधानसभा क्षेत्र के नवादा में हुआ। 22 फरवरी को दूसरा सम्मेलन पुराना पार्टी कार्यालय पर कर्णवाल समाज को साधने के लिए होगा। इसी तरह हसनपुर के शिव मंदिर में कश्यप समाज, कोयला गेट बरात घर में सैनी समाज, पार्टी कार्यालय पर धीमान समाज, सैन समाज, प्रकाश लोक कॉलोनी में उपाध्याय समाज, पार्टी कार्यालय पर पाल समाज का सामाजिक सम्मेलन रखा गया है। इसके अलावा 28 फरवरी को सड़क दूधली गांव में प्रजापति समाज, गुर्जर भवन में गुर्जर समाज और पिंजौरा गांव में लोधी समाज का सम्मेलन आयोजित होगा।