फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपाइयों का तहसीलदार के खिलाफ हंगामा

विज्ञापन
देवबंद में तहसीलदार के कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते भाजपा कार्यकर्ता - फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन
देवबंद (सहारनपुर)। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को तहसीलदार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर हंगामा किया। इतना ही नहीं गुस्साए कार्यकर्ता तहसील कार्यालय के बाहर धरना देकर पर बैठ गए। सूचना मिलते ही तहसील पहुंचे एसडीएम ने भाजपाइयों को कार्रवाई का आश्वासन दिलाकर मामला शांत कराया।
विज्ञापन

बजरंग दल के प्रांतीय संयोजक विकास त्यागी बृहस्पतिवार को संगठन के कार्यकर्ता के काम के सिलसिले में तहसीलदार कमलेश कुमार के पास गए । इसी दौरान काम में हो रही देरी को लेकर उनकी तहसीलदार से बहस हो गई। इसके बाद बजरंग दल नेता ने पूरे प्रकरण की सूचना संगठन से जुड़े लोगों को फोन पर दे दी। देखते ही देखते तहसील कार्यालय में भाजपाइयों का हुजूम इकट्ठा हो गया और तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। भाजपा के पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रामपाल सिंह पुंडीर, जिला मंत्री पंकज त्यागी के नेतृत्व में भाजपाई व हिंदू संगठन के नेता तहसीलदार कार्यालय के सामने नारेबाजी करने लगे। स्थिति को विस्फोटक होता देखकर तहसीलदार कार्यालय से उठकर अपने आवास में जाकर बैठ गए। सूचना मिलते ही पुलिस बल भी तहसील में पहुंचा। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक यज्ञ दत्त शर्मा ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए।
पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रामपाल सिंह पुंडीर ने कहा तहसील में तैनात अधिकारी प्रदेश सरकार की छवि को खराब करने में लगे हैं। ग्रामीणों व कार्यकर्ताओं का शोषण किया जा रहा है। वहीं, एसडीएम राकेश कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और भाजपा नेताओं से वार्ता कर उन्हें जांच कराकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच करा कर पीड़ित ग्रामीण को इंसाफ दिलाया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में भाजपा के नगर अध्यक्ष विपिन गर्ग, युवा मोर्चा के जिला महामंत्री अभिषेक त्यागी, विवेक त्यागी, पूर्व देहात मंडल अध्यक्ष उपेंद्र गुर्जर, रणवीर प्रधान, विकास त्यागी, विजेंद्र जौहरी आदि रहे। उधर, तहसीलदार कमलेश कुमार ने बताया कि विकास त्यागी जिस काम के सिलसिले में उनके पास आए थे, तब वह कुछ जरूरी काम कर रहे थे, लेकिन विकास उसी समय उक्त कार्य की रिपोर्ट लगाने की बात करने लगे। जबकि उन्होंने काम समाप्ति के बाद रिपोर्ट लगाने की बात कही थी। उन पर भ्रष्टाचार के आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें