अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। पेंशनधारकों के लिए यह खबर जरूरी है। 15 साल के कम्यूटेशन (राशिकरण) के खिलाफ याचिका डालने वाले 50 से अधिक पेंशनधारकों के पक्ष में हाईकोर्ट ने फैसला दिया है।
सरकार के आदेशों पर स्टे लगाते हुए हाईकोर्ट ने आदेश जारी किए हैं कि जिन पेंशनधारकों की राशिकरण कटौती पूरी हो चुकी है, उनकी कटौती 15 साल तक न की जाए और पेंशन की पूरी राशि दी जाए। हाईकोर्ट के इस फैसले से 10 साल 11 माह बाद भी राशिकरण कटौती की मार झेल रहे पेंशनधारकों में भी उम्मीद जगी है।
यह होती है राशिकरण : कोई भी पेंशनधारक अपनी पेंशन पर राशिकरण ले सकता है। इसके बाद यह राशि उसकी बेसिक पेंशन से किस्त के तौर पर हर माह 15 साल तक काटी जाती है। हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले पेंशनधारकों ने तर्क दिया था कि जब प्रदेश सरकार ने यह नियम बनाया था तब ब्याज दर ज्यादा था।
इस कारण 15 साल में राशिकरण की किस्त पूरी होती थी, लेकिन अब ब्याज दर कम है। राशिकरण की किस्त 10 साल 11 माह में पूरी हो जाती है। फिर भी 15 साल तक राशिकरण की कटौती की जा रही है।