सहारनपुर के देवबंद और बेहट में सांप्रदायिकता को करारा जवाब देने तथा आपसी भाईचारे को मजबूत करने के मकसद से रविवार को जमीयत उलेमा ए हिंद (महमूद गुट) के आह्वान पर देवबंद में अमन मार्च निकाला गया।
जिसके माध्यम से भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया गया। शेखुल हिंद हाल से सुबह 10 बजे शुरू हुआ अमन मार्च नगर के विभिन्न हिस्सों से होता हुआ डाकखाने के मैदान में पहुंचा।
जहां पर मार्च में शामिल दोनों समुदाय के लोगों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तथा जमीयत उलेमा ए हिंद का झंडा लेकर आपसी भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया।
दारुल उलूम देवबंद के वरिष्ठ उस्ताद मुफ्ती राशिद कासमी और मौलाना सलमान बिजनौरी ने कहा कि हिंदुस्तान सबसे प्यारा मुल्क है। यहां पर अमन शांति बनी रहे, इसकी जिमेदारी हमारी बनती है।
श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पं. सतेंद्र शर्मा ने कहा कि पूरी दुनिया में हिंदुस्तान की यही विशेषता है कि यहां अलग-अलग मजहब के लोग एक साथ प्रेम के साथ रहते हैं।
अमन मार्च में जमीयत उलेमा ए हिंद के कोषाध्यक्ष मौलाना हसीब सिद्दीकी, सेठ कुलदीप कुमार, पूर्व मंत्री मसूद मदनी आदि ने भी विचार रखे।
हरिओम सिंघल, सलीम कुरैशी, जहीन अहमद, सलीम उस्मानी, सैय्यद हारिस, अरविंद सिंघल, मौलाना नदीमुल वाजदी, राव कारी साजिद, इनाम कुरैशी, उमेर उस्मानी, मजाहिर हसन आदि रहे।
बेहट में मुस्लिम समुदाय के लोग सुबह करीब 11 बजे शाकंभरी रोड स्थित एक पैलेस में इकट्ठा हुए और यहां बैठक करने के बाद हाथों में तिरंगा एवं भाईचारे से संबंधित नारे लिखी तख्तियां लेकर कस्बे में शांति मार्च निकाला।
शांति मार्च तहसील बेहट में पहुंचने पर सम्पन्न हुआ। जमीयत के तहसील अध्यक्ष हजरत मौलाना मोहम्मद ताहिर ने कहा कि देश को आजाद कराने में हिंदू, मुस्लिम ने मिलकर बलिदान दिया है।
मार्च को मौलाना नादिर, मोहम्मद अहमद काजमी, पीरू मियां, अब्दुल अजीम मलिक, तौफिक मलिक, डा. दिलशाद, मौलाना फुरकान, चौधरी वाजिद अली, हाफिज हाशिम, अब्दुल रहमान सलमानी, मोहम्मद सुभान, मोहम्मद वक्कार, अरशद, शेख, आसिफ नबी, फैजान खान, मौलाना जाकिर आदि सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए। मार्च का संचालन मौलवी ताहिर महमूदपुरी ने किया।