सहारनपुर। जनपद के हजारों बेसिक शिक्षकों ने डिजिटल उपस्थिति के विरोध में बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर कार्य किया। शिक्षक नेताओं ने स्पष्ट किया है कि शिक्षक डिजिटल उपस्थिति को स्वीकार नहीं करेंगे, क्योंकि यह शिक्षकों का उत्पीड़न करने वाली व्यवस्था है।
बेसिक शिक्षा परिषद विभाग और विद्यालयों से जुड़ी कई पंजिकाओं का डिजिटलीकरण कर रही है। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। उनके लिए सिम भी वितरित कर दिए गए हैं, साथ ही प्रशिक्षण भी दिया गया है। शिक्षक टैबलेट के जरिए ही अपनी और विद्यार्थियों की उपस्थिति लगाएंगे। तमाम विभागीय सूचनाओं का आदान-प्रदान भी ऑनलाइन होगा, जिससे समय की बचत हो सके, लेकिन शिक्षक संगठनों और शिक्षकों ने डिजिटल उपस्थिति का विरोध किया हुआ है। सोमवार को जनपद के हजारों शिक्षकों ने बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर डिजिटल उपस्थिति का विरोध किया।
शिक्षक नेताओं की बात
-उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संदीप सिंह पंवार का कहना है कि संगठन और उससे जुड़े शिक्षक डिजिटल उपस्थिति को स्वीकार नहीं करेंगे, क्योंकि इससे शिक्षकों का उत्पीड़न बढ़ेगा। इस मामले में यदि संगठन को आंदोलन भी करना पड़ा तो संगठन पीछे नहीं हटेगा।
-विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजकुमार चौधरी का कहना है कि संगठन प्रदेश भर में डिजिटल उपस्थिति का विरोध कर रहा है। यदि शिक्षकों की उपस्थिति डिजिटल की जा रही है तो विभाग पहले मुख्यालयों में बैठने वाले अधिकारियों की उपस्थिति डिजिटल करें।
शिक्षकों की डिजिटल उपस्थिति सरकार का निर्णय है, जिसका अनुपालन कराना विभाग की जिम्मेदारी है। शिक्षक नेताओं और शिक्षकों के साथ बैठक कर विचार विमर्श करेंगे। शिक्षकों की समस्या पूछी जाएगी, लेकिन डिजिटल उपस्थिति लागू होना अनिवार्य है। जो भी शिक्षक डिजिटल उपस्थिति नहीं लगाएगा उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- कोमल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी