सहारनपुर। एक कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड डायरेक्टर ने बैंक ऑफ बड़ौदा की पेपर मिल शाखा के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि बैंक के वर्तमान व पूर्व अधिकारियों ने कंपनी से करीब 45 लाख रुपये ब्याज के नाम पर वसूल किए। उनकी प्रॉपर्टी के दस्तावेज भी वापस नहीं किए गए। कोर्ट के आदेश पर थाना सदर बाजार में मैनेजर समेत पांच के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
ब्रिजेश नगर निवासी नितिन कुमार साइनवे कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। उन्होंने थाना सदर बाजार में तहरीर देकर बताया कि कंपनी सरकारी विभागों में कंस्ट्रक्शन का काम करती है। अप्रैल 2018 में कंपनी का चालू खाता बैंक ऑफ बड़ौदा पेपर मिल शाखा में खोला गया था।
नवंबर 2019 में दूसरा खाता यस बैंक में था। आरोप है कि बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों के बार-बार कहने पर ट्रांसफर किया गया। पहले बेहतर सेवा और कम ब्याज दरों का आश्वासन दिया गया, लेकिन खाता ट्रांसफर होते ही कथित रूप से फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अवैध चार्ज वसूले जाने लगे।
संदीप कुमार, विवेक कौशिक, अभिषेक जैन, रजत अरोड़ा और रीजनल मैनेजर राजेश खरे पर आरोप हैं कि इन्होंने बार-बार झूठे वादे कर चार्ज वापस करने का भरोसा दिया था।
कंपनी से काउंटर बैंक गारंटी के नाम पर 11 लाख लिए गए, जिसे बाद में वापस करने से इंकार कर दिया गया। कंपनी ने अन्य बैंक से लोन मंजूर कराया, तब अकाउंट ट्रांसफर करने में जानबूझकर बाधा डाली गई। यहां तक कि 3.50 करोड़ का डिमांड ड्राफ्ट देने के बावजूद बैंक ने 10 दिन तक उसे रिसीव तक नहीं किया। फिर 2.78 करोड़ की रकम लौटाकर बाकी रकम से अवैध चार्ज काट लिए। पीड़ित ने इसकी शिकायत थाना सदर बाजार और एसएसपी से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरटीआई से जानकारी मांगने पर दो लाख रुपये से अधिक की राशि बैंक ने लौटाई। प्रॉपर्टी के दस्तावेज अब भी वापस नहीं दिए।
कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट के आदेश पर थाना सदर बाजार पुलिस ने पूर्व मैनेजर संदीप कुमार, विवेक कौशिक, बैंक मैनेजर अभिषेक जैन, लोन अधिकारी रजत अरोड़ा, रीजनल मैनेजर राजेश खरे के खिलाफ केस दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।