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भक्त की हर मुराद पूरी करते हैं बाबा श्री जाहरवीर

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सहारनपुर के मोहल्ला गणपत सराय में जाहरवीर गोगा जी महाराज की छड़ी और नेजे की पूजा करते भक्त। - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। कोरोना काल की वजह से बाबा श्री जाहरवीर गोगा महाराज की प्रतीक चिह्न छड़ियां भी घर-घर भ्रमण नहीं कर पा रहीं हैं। शाम के समय नेजे और सरदार छड़ी सहित सभी 26 छड़ियों का अलग-अलग स्थानों पर भक्त ही पूजन कर रहे हैं।
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हर वर्ष शुक्ल पक्ष की दशमी पर गंगोह रोड स्थित म्हाड़ी पर तीन दिवसीय मेला भरता है। इस बार शुक्ल पक्ष की दशमी 28 अगस्त की है, जिस दिन नेजे की अगुवाई में सभी 26 छड़ियां म्हाड़ी पर पहुंचती हैं, लेकिन कोरोना काल की वजह से अभी छड़ियों के पहुंचने पर असमंजस बना है। वहीं, घर-घर भी छड़ियों का भ्रमण नहीं हो पा रहा है।
डोरी बांधकर लगाते हैं चने की दाल, प्याज और आटे का भोग
सहारनपुर। हर वर्ष जन्माष्टमी के अगले दिन से लोग अपने घरों में बाबा श्री जाहरवीर गोगा महाराज के थापे लगाते हैं, उनके चित्र के समक्ष कलावे की डोरी बांधकर पूजा अर्चना करते हैं। इसके साथ ही छड़ियों के भक्त शृंगार कर छड़ियां तैयार करते हैं। जन्माष्टमी के दूसरे दिन से छड़ियों को भक्त और निशानिए घर-घर लेकर जाते हैं, जहां पर लोग थापे वाली डोरी छड़ी पर बांधने के साथ ही धूप व दीपक जलाकर जाते हैं। इसके अलावा मत्था टेकने के साथ श्रद्धालु चने की दाल, आटा, घी, प्याज और दक्षिणा चढ़ाकर आशीर्वाद लेते हैं।
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ढोल की थाप पर होता है पूजन, लगती है दूध की धार
सहारनपुर। शहर में रोजाना शाम छह से सात बजे के बीच पुरानी मंडी स्थित मोहल्ला गणपत सराय में विनोद प्रकाश नेजे और सरदार छड़ी का पूजन कराते हैं। इसी तरह पुरानी चुंगी के पास श्री बिंद्रा प्रेम छड़ी भक्त पंकज उपाध्याय, मोहल्ला रामनगर स्थित पठानपुरा श्री सीता राम मंदिर में चौधरन छड़ी के भक्त गुलशन सागर सहित सभी 26 छड़ियों के भक्त अपने-अपने स्थानों पर पूजन कराते हैं। धूप-दीपक जलाने के साथ ही ढोल की थाप पर पूजन होता है ।
आस्था का केंद्र है गोगा म्हाड़ी
सहारनपुर। छड़ी के भक्त ताराचंद सैनी, पंकज उपाध्याय, अनिल प्रताप सैनी, गुलशन सागर, ओमप्रकाश, विनोद प्रकाश, पवन सैनी, भगवत गिरि, पिंटू जाटव और रिंकू भगत का कहना है भक्त की हर मुराद बाबा श्री जाहरवीर गोगा महाराज पूरी करते हैं। म्हाड़ी लाखों श्रद्धालुओं की आस्था केंद्र है। तीन दिवसीय मेले के दौरान पांच लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस परंपरा में अवरोध न पड़े, इसको लेकर लगातार भक्त प्रशासन से चार-चार निशानियों के साथ और सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए छड़ियों को म्हाड़ी पर ले जाने की मांग कर रहे हैं। क्योंकि, 800 वर्षों में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है। इस संबंध में मंगलवार को भी भक्तों ने पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर ज्ञापन दिया।

- सहारनपुर के मोहल्ला गणपत सराय में रखीं बाबा जाहरवीर गोगा की सरदार छड़ी और नेजा।- फोटो : SAHARANPUR

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