फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देहरादून से बिना इलाज किए लौटाए जा रहे आयुष्मान कार्ड धारक

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को देहरादून के अस्पतालों से बिना इलाज किए लौटाया जा रहा है। इसकी प्रमुख वजह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा देहरादून के अस्पतालों को इलाज का खर्च जमा नहीं करना बताया जा रहा है। ऐसे में मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। योजना से जुड़े स्थानीय अधिकारी भी मानते हैं कि सरकार ने उत्तराखंड के अस्पतालों का पैसा जमा नहीं किया है, जिसकी वजह से मरीजों के सामने समस्या आ रही है।
विज्ञापन

बेहट रोड स्थित गांव गोकलपुर निवासी नदीम प्रधान ने बताया कि उन्हें कुछ दिन से दिल की समस्या है। वह आयुष्मान भारत योजना के गोल्डन कार्ड धारक हैं। योजना से जुड़े जनपद के अस्पतालों में डॉक्टर को दिखाया है, जिन्होंने देहरादून के एक अस्पताल के लिए रेफर किया था। नदीम ने बताया कि वह अपने परिजनों को साथ लेकर देहरादून के एक बड़े अस्पताल में इलाज कराने के लिए पहुंचे थे, मगर उन्हें काउंटर से ही मना कर दिया गया। नदीम का आरोप है कि काउंटर पर तैनात कर्मचारी ने उन्हें बताया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके अस्पताल का पांच करोड़ रुपया इलाज का नहीं दिया है। ऐसे में अस्पताल ने यूपी के मरीजों का इलाज करने पर पाबंदी लगा दी है। हसनपुर निवासी संतोष के साथ भी ऐसा ही हुआ है। वह भी देहरादून के ही एक अन्य अस्पताल में किडनी के इलाज के लिए पहुंची थी, लेकिन अस्पताल ने इलाज करने से मना करते हुए उन्हें लौटा दिया है। संवाद
जिले में लाभार्थी परिवार और सदस्य
जनपद में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी आयुष्मान भारत योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत जनपद के 2,37,285 परिवार जुड़े हुए हैं। इनमें 1,37,110 परिवार पहले से जुड़े थे। उसके बाद सरकार ने श्रमिक परिवारों को भी योजना में शामिल किया है। जनपद में 46175 परिवार श्रमिकों के जोड़े गए हैं। इसके अलावा 54,000 अंत्योदय कार्ड धारक परिवार योजना में शामिल हुए हैं। इस प्रकार कुल संख्या 2,37,285 है। इन परिवारों के सदस्यों की संख्या करीब 13 लाख है।
विज्ञापन

योजना से जुड़े हैं 53 अस्पताल
आयुष्मान योजना से जनपद के कुल 53 अस्पताल जुड़े हैं। इनमें 24 अस्पताल सरकारी हैं, जिनमें एसबीडी जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, राजकीय मेडिकल कॉलेज और सभी सीएचसी शामिल हैं। इसके अलावा शेष 39 निजी अस्पताल जुड़े हैं, जिनमें जनपद के ज्यादातर बड़े अस्पताल शामिल हैं।
22 हजार से अधिक मरीज करा चुके इलाज
आयुष्मान योजना के तहत जनपद के 22,000 से अधिक मरीज जनपद के अस्पतालों और जनपद से बाहर के अस्पतालों में इलाज करा चुके हैं। इनमें जनपद में इलाज कराने वालों की संख्या 12,500 के आसपास है। इन 12,500 मरीजों के इलाज का खर्च करीब 14 करोड़ रुपये आया है, जिनमें से 8.5 करोड़ रुपये का भुगतान जनवरी 2022 तक किया जा चुका है।
यह बात सही है कि उत्तराखंड के कुछ अस्पतालों का भुगतान रुका हुआ है, जिसकी वजह से वह सहारनपुर के मरीजों का इलाज नहीं कर रहे हैं। ऐसे कई मामले हमारे भी संज्ञान में आए हैं। चूंकि भुगतान का मामला लखनऊ के स्तर का है, ऐसे में स्थानीय स्तर से कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा। मरीजों को चाहिए कि जिस भी जनपद में अस्पताल इलाज से मना कर रहे हैं। वहां के जिला अधिकारी या मुख्य चिकित्सा अधिकारी की मदद लें।
विज्ञापन

डॉ. सुशील गुप्ता, कार्यक्रम समन्वयक, आयुष्मान भारत योजना सहारनपुर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें