पूर्व में नकुड़ विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा रही गंगोह सीट वर्ष 2008 के बाद किए गए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई। इसमें कानूनगो सर्किल अंबेहटा और नानौता को शामिल किया गया। इस सीट पर ज्यादातर चौधरी यशपाल सिंह और काजी रशीद मसूद परिवार का ही दबदबा रहा। विधायक भी इस सीट से ज्यादातर गुर्जर बिरादरी के ही निर्वाचित हुए। जो भी विधायक बने इन दोनों परिवारों के समर्थन से बने। परिसीमन के बाद वर्ष 2012 में इस सीट के लिए पहला चुनाव हुआ। इसमें कांग्रेस के प्रदीप चौधरी ने विजय हासिल की।
वहीं वर्ष 2017 के चुनाव में उन्होंने भाजपा में शामिल होते हुए तीस हजार वोटों के अंतर से कांग्रेस प्रत्याशी नोमान मसूद को हराकर फिर से चुनाव जीता। 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रदीप चौधरी के सांसद बनने के बाद रिक्त हुई इस सीट पर उप चुनाव हुआ। जिसमें भाजपा के कीरत सिंह गुर्जर ने विजय प्राप्त की थी।
इसके बाद फिर से भाजपा ने उन्हें ही उम्मीदवार बनाया है। बसपा ने नोमान मसूद को टिकट दिया है। सपा से चौधरी इंद्रसेन को सिंबल मिल गया है। आसपा ने मौसम राव पर दांव खेला है। कांग्रेस ने अभी यहां से अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। इस सीट पर मुस्लिम, अनुसूचित जाति, गुर्जर, सैनी मतदाता निर्णायक की भूमिका निभाते हैं। जो किसी भी प्रत्याशी का समीकरण बदल देते हैं। इस बार का चुनाव बड़ा दिलचस्प माना जा रहा है।
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