सहारनपुर में आशाओं और संगिनियों ने उत्पीड़न के विरोध में दूसरे दिन भी धरना प्रदर्शन किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर धरने के दूसरे दिन जिलाध्यक्ष शशी राजपूत ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की अनेक योजनाओं को अमलीजामा पहनाने वाली आशाओं और संगिनियों को
न्यूनतम मानदेय के नाम पर जो मिल रहा है वह नियमित नहीं है। कहा कि यदि आशाओं की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आशाएं आंदोलनरत रहेगी। जिसकी समस्त जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी।
उपाध्यक्ष सोनिया गौतम, गीता सिंह, अनीता पुंडीर ने कहा कि राज्य कर्मचारियों की भांति आशाओं को भी स्थायी नियुक्ति प्रदान की जाएं। आशाओं और संगियों को 20000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित मानदेय दिया जाए।
राज्य कर्मचारियों की भांति सभी हित लाभ दिया जाएं। प्रदर्शनकारियों में रीता चौहान, कृष्णा शर्मा, कौसर जहां, रूमा, ओमवती, मुनेश देवी, कविता, मंजू, रूबी, पूजा, सुनीता, बबीता, अनिता, मोमिना, भावना, संतोष, सईदा, संतोष, साहिदा, खानम, प्रियंका, रविता, राधा, शशी, कुसुम, गीता, अंजू, सविता, मूर्ति, सुदेश, ब्रिजेश, राजवती, मेमता, कुसुमलता, प्रतिमा, किरण, सुनीता, निर्मला, मंजू, रेखा मौजूद रही।