- बढ़ी खजूर की मांग, खजूर से रोजा खोलना माना जाता है सुन्नत
- बाजार में 280 से लेकर 1500 रुपये तक हैं खजूर के दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। इबादत का महीना रमजान चल रहा है। रोजेदार अल्लाह की इबादत के बाद शाम को रोजा खोलते हैं। इस बार इफ्तार की मेज पर अरब का अजवा, कलमी के साथ सुक्करी खजूर सज रहा है। इफ्तार की टोकरी में खजूर सबसे अहम माना जाता है। बाजार में तरह-तरह देशी के साथ विभिन्न देशों के खजूर की मौजूद है।
बृहस्पतिवार से माह-ए-रमजान शुरू हो गया है। रमजान के शुरू होते ही महानगर के बाजारों में सेहरी और इफ्तारी को लेकर खासी रौनक है। नमाजी खाने पीने से लेकर अन्य चीजों की खरीदारी कर रहे हैं। महानगर की जामा मस्जिद के आसपास खरीदारों की खास चहल-पहल दिखाई देती है। यहां कई दुकानों पर खजूर की विभिन्न किस्में मौजूद हैं। इसमें देशी से लेकर विदेशी देशों के खजूर शामिल हैं। इस्लाम में खजूर से रोजा खोलना सुन्नत माना जाता है। इसी के चलते रमजान में इसकी खरीदारी बढ़ जाती है।
खजूर के विक्रेता तोहिद बताते हैं कि रोजों में फेनी, खजला के साथ खजूर की खासी मांग है। बाजार में इरान, इराक, सऊदी अरब, ट्यूनीशिया, दुबई के खजूर की कई किस्म मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि ईरान से इस बार कम खजूर आ रहा है। इसकी कीमत सौ से चार सौ रुपये प्रति किलो तक है। इसी तरह ईराक के खजूर भी तकरीबन इसी कीमत में उपलब्ध है। जामा मस्जिद के पास खजूर विक्रेता हमजा बताते हैं कि सबसे अधिक मांग मदीने के खजूर की है। इनमें भी कई किस्म है। इसमें अजवा, कलमी, मंबर, सुक्करी और शल्बी शामिल है। यह आमतौर पर चार सौ से 1500 रुपये प्रति किलो में मिलते हैं। अरब के खजूर में पर्याप्त मात्रा में आयरन, पोटेशियम, और कैल्शियम पाया जाता है। इसमें वसा भी कम होती है। साथ ही यह ऊर्जा का अच्छा स्रोत भी माने जाते हैं। इनमें प्राकृतिक मिठास होती है। यह खाने में भी नरम होते हैं। इसी तरह ट्यूनीशिया का खजूर भी तीन सौ से चार सौ रुपये प्रति किलो में उपलब्ध है। दुबई के खजूर भी बाजार में मौजूद है। इनकी कीमत भी 280 से 300 रुपये प्रति किलो है।