मुजफ्फरनगर। खतौली थाना क्षेत्र के जसौला गांव में घर से बुलाकर अंकित (21) की हत्या के मामले में बुधवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई होगी। अदालत में मीनाक्षी और उसके पति सोनू पर दोष सिद्ध हो चुका है। विशेष न्यायालय एससी/एसटी एक्ट के पीठासीन अधिकारी डॉ. विजय कुमार ने मामले की सुनवाई की।
जसौला में सात जनवरी 2024 की रात मीनाक्षी ने कॉल कर अंकित को अपने घर बुलाया था। इसके बाद अपने पति के साथ मिलकर लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी। मृतक के पिता रणवीर सिंह ने मीनाक्षी और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि अंकित पड़ोस की रहने वाली मीनाक्षी को पसंद करता था। मोबाइल पर बात करने की कोशिश की।
इसकी जानकारी मीनाक्षी के पति ट्रक चालक सोनू को हो गई। उसने दबाव बनाकर बहाने से अंकित को बुला लिया और बदला लेने के लिए पिटाई करते हुए हत्या कर दी थी। 25 सितंबर को दोनों आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ था।
इनसेट
-कमरा खुला...बंधा पड़ा था अंकित, बह रहा था खून
सात जनवरी की रात आठ बजे जसौला के ही रहने वाले कर्णपाल के पुत्र के साथ अंकित घर से निकला था। काफी देर होने पर भी जब वह नहीं लौटा तो पिता रणवीर ने कॉल की लेकिन मोबाइल बंद मिला। इसके बाद रणवीर और दूसरे बेटे लवकुश ने उसके साथ गए कर्णपाल के पुत्र से सख्ती से पूछताछ की। तब उसने स्वीकार किया कि वह अंकित को उसके गांव की रहने वाली मीनाक्षी के घर छोड़ कर वापस आ गया था। दोनों पिता-पुत्र मीनाक्षी के घर पर गए लेकिन दरवाजा नहीं खोला गया। शक होने पर 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घर का जबरन दरवाजा खुलवाया। यहां अंकित बेसुध अवस्था में बंधा हुआ पड़ा था, गले में मफलर बंधा था और माथे और पैर से खून निकल रहा था।