लापरवाही पर नाराज मंडलायुक्त ने छह अधिकारियों का वेतन रोका
बेहट। संपूर्ण समाधान दिवस में मंगलवार को मंडलायुक्त सख्त दिखाई दिए। शिकायतों पर नाराज मंडलायुक्त ने वन विभाग के डीएफओ एवं रेंज अधिकारी, सिंचाई विभाग के एक्सईएन, एई व जेई तथा नगर पंचायत बेहट के अधिशासी अधिकारी का वेतन रोक दिया। साथ ही कई अधिकारियों को फटकार लगाकर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। कहा, कि जन शिकायतों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में मंडलायुक्त संजय कुमार एवं उपेंद्र अग्रवाल को 53 लोगों ने शिकायतें दीं। इनमें से चार शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। शिकायतें निपटाने में लापरवाही पर नाराज मंडलायुक्त ने सहारनपुर निवासी इरशाद सिद्दीकी की बादशाही बाग स्थित उसके फार्म हाउस के पास से खैर के पेड़ काटे जाने की शिकायत पर हलका लेखपाल सचिन का कार्य क्षेत्र बदल दिया। वन विभाग के डीएफओ एवं रेंज अधिकारी के खिलाफ जांच कराने तथा अग्रिम आदेश तक उनका वेतन रोकने के आदेश दिया। बेहट व कलसिया में अतिक्रमण एवं सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे हटाने के मामले में भी उन्होंने नाराजगी जताई। बेहट में अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर उन्होंने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी का वेतन रोकने एवं कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने पुरानी बाइकों के बने रेहड़ों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने, कुरड़ीखेड़ा के सरदार दीप सिंह की शिवालिक जंगल के पास स्थित 19 बीघे जमीन पर कोर्ट के आदेश के बावजूद भी कब्जा नहीं छोड़ने की शिकायत पर उन्होंने तहसीलदार को आख्या देने के आदेश दिए।
मरवा निवासी आदित्य पुत्र सूरत सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि वह विद्युत वितरण खंड बेहट में बतौर संविदा कर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्य कर रहा था। मानदेय मांगने पर उसे हटा दिया गया। इस पर मंडलायुक्त ने विद्युत निगम के एसडीओ राजकुमार को मानदेय देने का आदेश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि शिकायतकर्ता का मानदेय नहीं दिया गया, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बेहट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेश राणा तहसील में नायब तहसीलदारों की नियुक्ति एवं बड़ी धनराशि के स्टांप की व्यवस्था कराए जाने की बाबत प्रार्थना पत्र दिया। कालूवाला पहाड़ीपुर गांव में अपर यमुना खंड की भूमि पर कब्जे की शिकायत के मामले में उन्होंने जांच के आदेश देने के साथ ही विभाग के एक्सईएन, एई व जेई का वेतन रोक दिया। साथ ही सात दिन के अंदर समस्या का समाधान नहीं होने पर सस्पेंड करने की चेतावनी दी। इस मामले में शिकायत का फर्जी निस्तारण करने के मामले पर उन्होंने तहसीलदार को मौके पर जाकर जांच करने के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित हलका लेखपाल विजय पुंडीर को निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।