सहारनपुर। अष्टोत्तर शत, नवकुंडीय यज्ञ, श्रीमद्भागवत कथा और गऊ पूजन में तीसरे दिन भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा व्यास जगतगुरु स्वामी राघवाचार्य महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत का अनुसरण प्रभु से मिलन कराता है।
साउथ सिटी में प्रभु जी का परिवार की ओर से आयोजित नौ दिवसीय धार्मिक उत्सव में सर्व प्रथम श्री हनुमान चालीसा का पाठ और भगवान श्रीकृष्ण की आरती हुई। स्वामी राघवाचार्य महाराज ने अतिथियों को पटका पहनाकर सम्मानित किया। प्रभु परिवार के अध्यक्ष अभिषेक कृष्णात्रेय और आचार्य संजीव शास्त्री ने कथा व्यास को अंग वस्त्र भेंट किया और श्रीमद्भागवत का पूजन कराया। इसके पश्चात स्वामी राघवाचार्य महाराज ने कहा कि गायत्री मंत्र एक रहस्यमई मंत्र है। उन्होंने पाप और पुण्य की परिभाषा बताई। कहा कि इसकी परिभाषा बहुत जटिल है। सरल शब्दों में सिर्फ यही समझा जा सकता है कि जो ईश्वर को अच्छा लगे वही करें, जो कार्य आपकी नजरों में अच्छा है और उसे करते जा रहे हैं, लेकिन ईश्वर को वह अच्छा नहीं लग रहा तो वह पाप ही माना जाएगा।
इस दौरान पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा, पंडित अनिल कोदंड, ओंकार दीक्षित, अरुण, सोम प्रकाश, आचार्य गुलशन पराशर, ओम प्रकाश फुटेला, रमन मक्कड़, प्रणव मक्कड़, पवन मक्कड़, हंस चुग, संजय वर्मा, अनिल शर्मा, अशोक शर्मा, प्रवीण शर्मा, संजय टक्कर, सुरेंद्र ठक्कर, पंडित संजीव शास्त्री, अमित, पंडित कमल नैन वेदपाठी, योगेश गोनियाल, विजेंद्र शास्त्री, आचार्य जय प्रकाश, श्रवण शास्त्री, संजय शास्त्री, नागेश्वर शास्त्री, आरपी जिंदल, विनोद शास्त्री, नेहा जिंदल, रिंपल धमीजा, आकृति पाहवा, मानसी चांदना, नीरज ठाकुर, कविता शर्मा, रंजना शर्मा, रीता वधवा मौजूद रहे।
यज्ञ में शामिल होने से मिलता है पुण्य: कृष्णात्रेय
सहारनपुर। प्रभु जी का परिवार के अध्यक्ष पंडित अभिषेक कृष्णात्रेय ने सोमवार की शाम कथा स्थल पर बनाई गई नौ कुंडीय यज्ञशाला में अग्नि प्रज्ज्वलित कराई। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में भाग लिया और परिक्रमा की। पंडित अभिषेक कृष्णात्रेय ने कहा कि यज्ञ में शामिल होने से पुण्य मिलता है। मन की शुद्धि होने के साथ ही तन की शुद्धि भी होती है।
गऊ पूजन का बड़ा महत्व: शास्त्री
सहारनपुर। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं ने गाय माता की परिक्रमा की और भंडारे में भाग लिया। आचार्य संजीव शास्त्री ने कहा कि सनातम धर्म के ग्रंथों में गऊ पूजन का बड़ा महत्व बताया गया है, जो व्यक्ति गाय की पूजा और सेवा करता है, उसे बड़ा पुण्य मिलता है। उन्होंने गऊमाता की महिमा का गुणगान किया। इसके साथ ही भजनों के माध्यम से पंडित गोविंद ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
साउथ सिटी में श्रीमद् भागवत करते जगतगुरू स्वामी राघवाचार्य- फोटो : SAHARANPUR
साउथ सिटी में श्रीमद् भागवत मे भाग लेते आचार्य गण- फोटो : SAHARANPUR