गंगोह। सांगाठेड़ा गांव से मुस्लिम युवक के साथ गई युवती के मामले में पुलिस को दी गई समय-सीमा समाप्त होने पर शनिवार को जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों की पंचायत हुई। दो घंटे तक चली पंचायत में युवती को अब तक तलाश न किए जाने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। लोगों का कहना था कि भाजपा सरकार में भी यदि बेटी सुरक्षित नहीं मिल रही है, तो यह चिंता का विषय है।
पंचायत में मौजूद लोगों ने कहा कि पांच दिन बीत जाने के बावजूद ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। प्रशासन बार-बार समय मांग रहा है, लेकिन नतीजा शून्य है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही युवती को तलाश कर परिजनों के सुपुर्द नहीं किया गया तो धैर्य जवाब दे सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी, साथ ही प्रशासनिक ढिलाई से तनाव की स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई। जनप्रतिनिधियों ने युवाओं से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि वे मामले को उच्च स्तर पर उठाएंगे।
इसके बाद पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, विधायक कीरत सिंह चौधरी, चौधरी विरेंद्र सिंह गुर्जर, पूर्व विधायक महिपाल माजरा, राजसिंह माजरा, पूर्व प्रमुख दिनेश चौधरी आदि ने बंद कमरे में चर्चा की।
जनप्रतिनिधियों ने लोगों से रविवार शाम तक का समय लेते हुए एसएसपी से सहारनपुर में मिलकर वार्ता करने की बात कही। पंचायत में कोमल गुर्जर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य चौधरी नक्षत्र सिंह, विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष दिग्विजय त्यागी, रोहित प्रधान, संजय कम्हेड़ा, मुकेश राणा, अशोक प्रधान, डॉ. प्रवेश बटार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। हिंदू जागरण मंच जिलाध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा कि पांच दिन बाद भी युवती नहीं मिली है। उन्होंने प्रशासन ने 48 घंटे में युवती को तलाश करने का आश्वासन दिया था, लेकिन तय समय में कार्रवाई नहीं होने से लोगों में रोष है।
इस दौरान चेतावनी दी गई कि यदि जल्द तलाश नहीं हुई तो आंदोलन होगा, यह तब तक जारी रहेगा जब तक युवती सुरक्षित वापस नहीं मिल जाती।