सहारनपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में विकसित किए जाने की योजना जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। क्योंकि, बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर हालत में हैं तो कुछ किराए के भवन में संचालित किए जा रहे हैं। अब 185 आंगनबाड़ी केंद्रों का मनरेगा के तहत कायाकल्प करने की तैयारी की गई है।
दरअसल, जनपद में 3410 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से 385 किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं और 185 केंद्रों के भवन जर्जर हालत में है। हालांकि काफी भवन अच्छे भी हैं, लेकिन जो जर्जर हैं उन्हें सुधारने की दिशा में काम नहीं हो रहा है। ग्राम पंचायत निधि से इनका सुधार होना था, लेकिन लंबे समय बाद भी स्थिति बदतर ही है। ऐसे में कई केंद्रों को प्री प्राइमरी के रूप में विकसित नहीं जा सका है।
यहां पेड़ के नीचे चलता है केंद्र, बारिश में ज्यादा दिक्कत
नागल क्षेत्र के गांव इसहाकपुर में आंगनबाड़ी केंद्र का भवन की हालत खराब है। ऐसे में पेड़ के नीचे और बारिश होने की दशा में प्राथमिक विद्यालय के कमरे का इस्तेमाल करना पड़ता है। लाभार्थियों और आंगनबाड़ियों को भी दिक्कत उठानी पड़ती है। इसी तहर गांव नथमलपुर में आंगनबाड़ी केंद्र गांव के बाहर ऐसे स्थान पर बना हुआ है, जहां बरसात में पानी भर रहा है। ऐसे में केंद्र पर जाने वाला रास्ता भी बंद हो जाता है। इसके अलावा केंद्र की हालत भी जर्जर हो गई है। यह तो उदाहरण मात्र है, जनपद में 200 से अधिक केंद्र जर्जर हालत में है।
होगा सुंदरीकरण, प्लान तैयार
जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी ने बताया कि प्रथम चरण में जिले के 185 केंद्रों का कायाकल्प किया जाएगा। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन की मरम्मत होगी। मनरेगा के तहत कार्य होना है। इसमें ग्राम पंचायतों का भी सहयोग लिया जाएगा। क्योंकि अलग से कोई बजट नहीं है।