जिला पंचायत सभागार में बैठक लेते जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी मांगेराम
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सहारनपुर। जिला पंचायत बोर्ड की बुधवार को बैठक में हंगामे के बीच 187.72 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट पारित हुआ। इसमें गत वर्ष के अवशेष 124.09 करोड़ रुपये शामिल हैं। साथ ही 46.30 करोड़ रुपये शासन से अनुदान के रूप में मिलने उम्मीद है। इसके अतिरिक्त 17.33 करोड़ रुपये जिला पंचायत अपने संसाधनों से आय अर्जित करेगा। बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद माजिद अली आदि की अध्यक्ष समेत अन्य से नोकझोंक भी हुई।
जिला पंचायत सभागार में बोर्ड बैठक हुई। इसमें वर्ष 2022-23 के लिए 187.72 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। इस दौरान वार्ड 32 से जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद माजिद अली ने आरोप लगाया कि उन्हें बोर्ड बैठक की सूचना एक दिन पहले मंगलवार को मिली। उन्होंने कहा कि सूचना के साथ बोर्ड बैठक का एजेंडा भी दिया जाना चाहिए। इससे हंगामा हो गया। इसके बीच जिला पंचायत का 187.72 करोड़ रुपये का बजट पास हो गया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, अपर मुख्य अधिकारी डॉ. सुमनलता, जिला पंचायत सदस्य ममता चौधरी, रामकिशन, कविता, रकम सिंह, नसीब, अफजल समेत अन्य मौजूद रहे।
नियम विरुद्ध प्रस्ताव पास करने का आरोप
जिला पंचायत बोर्ड बैठक के बाद नाराज माजिद अली और अन्य कई जिला पंचायत सदस्यों ने मंडलायुक्त और जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि चार सितंबर 2021 को हुई बोर्ड बैठक में तय हुआ था कि जिला पंचायत के 21 करोड़ रुपये के फंड में सभी जिला पंचायत सदस्यों को एक समान राशि के आधार पर कार्य आवंटित होंगे। आज की बैठक में 85 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निर्माण कार्यों की सूचना दी गई। यह नियमानुसार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें समान रूप से सभी सदस्यों को कार्य वितरण नहीं किया गया। उन्होंने बोर्ड बैठक से सिर्फ एक दिन पहले सूचना देने व अन्य आरोप भी लगाए। ज्ञापन पर जिला पंचायत सदस्य माजिद अली, बबीता देवी, नसीम, इमरान मलिक भूपेंद्र मौर्य व रामो देवी आदि हस्ताक्षर हैं। उधर, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी ने विपक्षी सदस्यों के आरोपों को नकार दिया। उन्होंने बताया कि बहुमत से बजट पारित हुआ है।