फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्सक्लूसिव: 50 लाख से बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, मशरूम, आम और मधुमक्खी पालन के लिए हुआ चयन

Fri, 15 Jan 2021 03:40 PM IST
कपिल kapil देवेंद्र कुमार, अमर उजाला, सहारनपुर
विज्ञापन
मशरूम के फायदे - फोटो : iStock
विज्ञापन

किसानों के लिए अच्छी खबर है। जहां एक तरफ उद्यान विभाग की तरफ से कंपनी गार्डन में बनाए जा रहे सेंटर फॉर एक्सीलेंस फ्रूट एंड वेजिटेबल से नई प्रजातियों की पौध तैयार करने का प्रशिक्षण मिलेगा। वहीं दूसरी ओर मशरूम उत्पादक, आम के बागवानों और मधुमक्खी पालकों के लिए कृषि विज्ञान केंद्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने को मंजूरी मिल गई है। इसके लिए धनराशि भी जारी कर दी गई है। कुल 50 लाख रुपये की लागत से बनाने वाले इस सेंटर में न सिर्फ नवीनतम तकनीक की जानकारी मिलेगी। बल्कि इनके उत्पादों में वैल्यू एडिशन के गुर भी सिखाए जाएंगे। 

विज्ञापन


प्रदेश के कई कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर विकसित किया जाना है। सहारनपुर में केवीके का चयन मशरूम, आम की बागवानी और मधुमक्खी पालन के लिए किया गया है। इस सेंटर में मशरूम उत्पादकों को उत्पादन की नई तकनीक की जानकारी, प्रोसेसिंग आदि की ट्रेनिंग दी जाएगी। जिससे इनके उत्पादों में वैल्यू एडिशन कर अधिक मुनाफा कमा सकेंगे। 

सेंटर में किसानों को मिलेंगी ये सुविधाएं
- मशरूम, आम और मधुमक्खी पालन की नई तकनीक और उत्पाद बनाने की जानकारी मिलेगी। 
- आम, मशरूम से अचार बनाने, जैम, ड्राई पाउडर से लेकर पैकिंग तक की ट्रेनिंग मिलेगी। 
- खाद्य प्रसंस्करण के उपकरण भी इस सेंटर में लगाए जाएंगे।  
- मधुमक्खी पालकों को शहद की प्रोसेसिंग, पेकिंग और मार्केटिंग के गुर सिखाए जाएंगे। 

कृषि विज्ञान केंद्र सहारनपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए 50 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। 25 लाख रुपये केवीके को मिल भी गए हैं। एक ही स्थान पर उत्पादों की ट्रेनिंग और प्रोसेसिंग की एडवांस तकनीक और सुविधाएं उपलब्ध होंगी। - डॉक्टर एसके सचान, डायरेक्टर एक्सटेंशन, सरदार पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: एक्सक्लूसिव: हस्तिनापुर और शाकंभरी तीर्थ के आएंगे ‘अच्छे दिन’, हालात सुधारने का खाका तैयार

विज्ञापन

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए केवीके का चयन हो गया है। अब इसको बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जनपद के मशरूम उत्पादकों, मधुमक्खी पालकों और आम के बागवानों को काफी फायदा होगा। - डॉक्टर आईके कुशवाहा, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र।

आम की बागवानी          25 हजार हेक्टेयर
आम की उत्पादकता      11.5 मीट्रिक टन  प्रति हेक्टेयर
मशरूम उत्पादक          285 
प्रतिवर्ष उत्पादन            350 टन 
मधुमक्खी पालक           5 हजार
शहद उत्पादन प्रतिवर्ष   15 हजार क्विंटल

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें