सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए केवीके का चयन हो गया है। अब इसको बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जनपद के मशरूम उत्पादकों, मधुमक्खी पालकों और आम के बागवानों को काफी फायदा होगा।
- डॉक्टर आईके कुशवाहा, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र।
आम की बागवानी 25 हजार हेक्टेयर
आम की उत्पादकता 11.5 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर
मशरूम उत्पादक 285
प्रतिवर्ष उत्पादन 350 टन
मधुमक्खी पालक 5 हजार
शहद उत्पादन प्रतिवर्ष 15 हजार क्विंटल
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