अखिलेश शर्मा लंदन में रह रहे हैं, लेकिन मातृभूमि से जुड़ाव बना हुआ है। उन्होंने सहारनपुर के गागलहेड़ी में एक निशुल्क कोचिंग सेंटर खोला है, जिसका खर्च वह स्वयं उठाते हैं। यहां उन युवाओं का भविष्य संवारा जा रहा हैं, जो आर्थिक दिक्कतों के चलते उच्च शिक्षा पूरी नहीं कर पाते या महंगे कोचिंग सेंटरों में जाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते हैं।
अखिलेश शर्मा मूल रूप से गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव चौरादेव के रहने वाले हैं। प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल में हुई। उसके बाद उन्होंने गाजियाबाद से एमबीए किया और मास्टर्स इन फाइनेंस की पढ़ाई करने लंदन चले गए। वह वहां पर पिछले 17 साल से इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। पांच साल पहले उन्होंने गागलहेड़ी में शिक्षा के लिए निशुल्क कोचिंग सेंटर की स्थापना की, जहां पर ऐसे युवाओं को शिक्षा दी जाती है, जो किन्हीं कारणों से अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते। पांच साल से चल रहे इस सेंटर में अब तक दर्जन भर गांवों के हजारों छात्र-छात्राएं निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। इनमें से कई सरकारी और गैर सरकारी संस्थान में कार्यरत हैं।
अखिलेश ने बताया कि उनका सपना है कि गांव का प्रत्येक युवा शिक्षित होकर अपने पैरों पर खड़ा हो। उनके इस कार्य में उनके सहयोगी प्रवीण शर्मा अपना समय बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने में लगा रहे हैं। कोचिंग सेंटर की सभी व्यवस्थाएं भी प्रवीण ही देखते हैं।
यह भी पढ़ें: BKU News: टिकैत का बड़ा एलान, अग्निपथ योजना के खिलाफ 24 जून को देशभर में करेंगे विरोध-प्रदर्शन