फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Unique Story: लंदन में रहकर युवाओं का भविष्य संवार रहे अखिलेश, इनके बारे में जानकर आप भी करेंगे सैल्यूट

Mon, 20 Jun 2022 07:51 PM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर

सार

लंदन में रह रहे अखिलेश शर्मा का निशुल्क कोचिंग सेंटर समाज में शिक्षा की अलख जगा रहा है। अखिलेश के निशुल्क कोचिंग सेंटर में पढ़ाई करके कई बच्चों ने कामयाबी हासिल की है।
विज्ञापन
अखिलेश शर्मा - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अखिलेश शर्मा लंदन में रह रहे हैं, लेकिन मातृभूमि से जुड़ाव बना हुआ है। उन्होंने सहारनपुर के गागलहेड़ी में एक निशुल्क कोचिंग सेंटर खोला है, जिसका खर्च वह स्वयं उठाते हैं। यहां उन युवाओं का भविष्य संवारा जा रहा हैं, जो आर्थिक दिक्कतों के चलते उच्च शिक्षा पूरी नहीं कर पाते या महंगे कोचिंग सेंटरों में जाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते हैं।

विज्ञापन


अखिलेश शर्मा मूल रूप से गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव चौरादेव के रहने वाले हैं। प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल में हुई। उसके बाद उन्होंने गाजियाबाद से एमबीए किया और मास्टर्स इन फाइनेंस की पढ़ाई करने लंदन चले गए। वह वहां पर पिछले 17 साल से इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। पांच साल पहले उन्होंने गागलहेड़ी में शिक्षा के लिए निशुल्क कोचिंग सेंटर की स्थापना की, जहां पर ऐसे युवाओं को शिक्षा दी जाती है, जो किन्हीं कारणों से अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते। पांच साल से चल रहे इस सेंटर में अब तक दर्जन भर गांवों के हजारों छात्र-छात्राएं निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। इनमें से कई सरकारी और गैर सरकारी संस्थान में कार्यरत हैं।

अखिलेश ने बताया कि उनका सपना है कि गांव का प्रत्येक युवा शिक्षित होकर अपने पैरों पर खड़ा हो। उनके इस कार्य में उनके सहयोगी प्रवीण शर्मा अपना समय बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने में लगा रहे हैं। कोचिंग सेंटर की सभी व्यवस्थाएं भी प्रवीण ही देखते हैं।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: BKU News: टिकैत का बड़ा एलान, अग्निपथ योजना के खिलाफ 24 जून को देशभर में करेंगे विरोध-प्रदर्शन

विज्ञापन

सरकारी नौकरी कर रहा विजय, उपनिरीक्षक बनी मधुबाला

क्षेत्र के गांव उग्राहू निवासी राजन कुमार ने बताया कि उनके पुत्र विजय ने अखिलेश के कोचिंग सेंटर से पढ़ाई की है। उसकी बदौलत ही वह आज सरकारी नौकरी कर रहा है। खजूरी अकबरपुर के राजेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी बेटी मधुबाला इसी कोचिंग सेंटर में पढ़ कर आरपीएफ में उपनिरीक्षक बनी है।

यह भी पढ़ें: Agnipath Scheme Protest: विरोध में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे किया जाम, भारी पुलिस-फोर्स तैनात

गागलहेड़ी निवासी अशोक कुमार ने बताया कि महंगाई के जमाने में बच्चों को पढ़ाना बहुत मुश्किल है। ऐसे में अखिलेश का निशुल्क कोचिंग सेंटर समाज में शिक्षा की अलख जगा रहा है। उनका बेटा भी इसी कोचिंग सेंटर से पढ़ कर रेलवे की नौकरी कर रहा है। तिवाया निवासी विरेंद्र यादव का बेटा सचिन भी यहीं से पढ़ कर भारतीय सेना का हिस्सा बना है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें