सहारनपुर। मौसम परिवर्तन के साथ सहारनपुर की हवा खराब स्थिति में पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार शनिवार को सहारनपुर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 238 पर पहुंच गया। सबसे अधिक प्रदूषित मंगल नगर रहा। सहारनपुर में प्रदूषण इस स्तर पर कभी कभी ही पहुंचता है।
जनपद में 22 अक्तूबर को वायु गुणवत्ता सूचकांक 150 था, जो अगले दिन 23 अक्तूबर को बढ़कर 160 तक पहुंच गया था। 24 अक्तूबर शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक की स्थिति खराब हालत में पहुंच गई। सुबह के समय मौसम में धुंधलापन रहा। 500 मीटर के बाद दृश्य स्पष्ट नहीं थे, जिसमें काला धुआं अलग ही नजर आ रहा था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार सहारनपुर में शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 238 तक पहुंच गया, जो खराब माना जाता है। हालांकि दिन के समय धूप निकल आने पर मौसम में कुछ चमक आई, लेकिन दूर तक देखने पर दृश्य स्पष्ट नहीं थे। वायु गुणवत्ता सूचकांक रात में अधिक दर्ज किया जा रहा है। तापमान की बात करें तो शुक्रवार की तुलना में अधिकतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस बढ़ गया। न्यूनतम तापमान 27 और अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहा।
सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने का कारण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सर्दियों में हवा ठंडी होने के साथ ही जमीन के आसपास बनी रहती है। उसके ऊपर गर्म हवा की परत बन जाती है। यह स्थिति ढक्कन की तरह काम करती है। इससे ज़मीन के नजदीक मौजूद प्रदूषक ऊपर नहीं जा पाते और नीचे ही बने रहते हैं। ऐसे में जीवन, जिसमें मानव और सभी पशु-पक्षी आते हैं। उनके लिए सांस लेना मुश्किल हो जाता है या सेहत के लिए खतरनाक होता है। सर्दियों में हवा की रफ्तार धीमी होना भी प्रदूषण बढ़ने का कारण है। ऐसे में वाहनों या फैक्टरियों से निकलने वाला धुआं या धूल के कण एक जगह जमा रहते हैं। तेज हवा प्रदूषण को उड़ा ले जाती है। सर्दियों में बारिश भी कम होने की वजह से प्रदूषण अधिक रहता है। बारिश में हवा पूरी तरह साफ हो जाती है।
सांस और दिल के मरीज रहें सावधान
हवा में धुएं और धूल के कण की मात्रा बढ़ना सांस और दिल के मरीजों के साथ ही गर्भवतियों के लिए भी ठीक नहीं है। एसबीडी जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अनिल वोहरा का कहना है कि सर्दियों में वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ना आम बात है। ऐसे में सांस और दिल के मरीजों को सावधान हो जाना चाहिए। साथ ही जिन लोगों को धूल या धुएं से एलर्जी है वह भी मास्क आदि लगाएं।
वायु गुणवत्ता सूचकांक की स्थिति (शाम 3:45 बजे)
क्षेत्र का नाम-वायु गुणवत्ता सूचकांक
मंगल नगर184
नवाबगंज175
महावीर कॉलोनी-174
पटेल नगर-170
बसंत विहार167
आवास विकास167
पुलिस लाइन-166
अहमद बाग163
मौसम के साथ हवा में प्रदूषण बढ़ना लाजिमी है, लेकिन सहारनपुर में औद्योगिक इकाइयां कम होने के कारण फिर भी काफी राहत है। प्रयास यही रहता है कि औद्योगिक इकाइयों में मानकों का पालन कराया जा सके, जिससे कम से कम प्रदूषण हो।
डॉ. योगेंद्र कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड