प्रदर्शनकारियों को हटान के बाद खोला गया गेट और तैनात पुलिस
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सरसावा(सहारनपुर)। राजकीय मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार पर ताला डालकर धरना दे रहे निकाले गए अस्थायी कर्मचारियों को पुलिस ने सख्ती से हटाते हुए 151 के तहत कार्रवाई कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसी के साथ चालीस दिन पुराने इस प्रकरण का भी पटाक्षेप हो गया।
बता दें की आउट सोर्सिंग कंपनी द्वारा कोरोना काल में मेडिकल कॉलेज में रखे गए कर्मचारियों को हटा दिया था। इस पर निकाले गए लोग नौकरी पर वापस रखने को लेकर पिछले 40 दिन से लगातार धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल करते हुए आंदोलनरत थे। बृहस्पतिवार सुबह एसडीएम सदर किंशुक श्रीवास्तव अधीनस्थ पुलिस और प्रशासनिक अफसरों एवं पुलिस बल के साथ राजकीय मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार पर पहुंची। जहां उन्होंने कर्मचारियों को समझाते हुए धरना प्रदर्शन समाप्त करवाने का प्रयास किया। प्रयास विफल होने पर एसडीएम के आदेश पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए बस बुलवाकर सभी प्रदर्शनकारियों को उसमें बैठा लिया और सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एसडीएम सदर किंशुक श्रीवास्तव ने बताया कि उनके तथा धरना प्रदर्शन कर रहे अस्थायी कर्मचारियों के बीच कई दौर की वार्ता के बावजूद कोई हल निकल नहीं पा रहा था। प्रदर्शनकारी लगातार अवैधानिक जिद पर अड़े थे। बृहस्पतिवार को भी समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन जब नहीं माने तो मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी। युवतियों सहित 13 प्रदर्शनकारियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि हटाए गए अस्थायी कर्मचारियों के संबंध में अब तक जितनी भी कार्रवाई हुई है सब कानून के दायरे में रहकर की गई है। बृहस्पतिवार को की गई पुलिस कार्रवाई भी कानूनी रूप से पूरी तरह सही है।