सहारनपुर। लंबी दूरी की ट्रेनों के बाद रोडवेज बसों में भी कोरोना वायरस का असर पड़ने लगा है। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से भीड़ से बचने की नसीहत और बाहरी लोगों से संक्रमण की आशंका के चलते रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या करीब 25 फीसदी तक घट गई है। इसके चलते कुछ बसों के फेरों और उनके लांग रूट की जगह शार्ट रूट पर संचालन भी कराया जा रहा है।
पिछले दिनों होली के मौके पर परिवहन निगम की ओर से सहारनपुर डिपो से 55 बसों के फेरे बढ़ाए गए थे। इसके अलावा रेलवे की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्यों के कारण ट्रेनें कैंसिल होने के कारण भी लंबी दूरी पर कई बसों को संचालित कराया गया था। रोडवेज की ओर से आनंद विहार-लखनऊ, आनंद विहार-बरेली, देहरादून-लखनऊ, हरिद्वार-लखनऊ, शामली-दिल्ली सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर बसें चलाई गई थी, लेकिन देश और प्रदेश में कोरोना की दस्तक के बाद हालात एकदम बदल गए हैं। इस सप्ताह में यात्रियों की संख्या में तेजी से कमी आई है।
इस मामले में रोडवेज डिपो के क्षेत्रीय सहायक प्रबंधक जगदीश सिंह का कहना है कि कोरोना वायरस को लेकर जारी हाई अलर्ट के बाद यह स्थिति बनी है। लंबी दूरी की बसों में यात्रियों के सफर पर अधिक असर पड़ा है। पहले के मुकाबले अब 25 फीसदी यात्री कम हुए हैं। इतना ही असर निगम की आय पर पड़ा है। मगर यात्रियों को सफर कराने के साथ ही उनकी सुरक्षा प्राथमिकता में है।
उन्होंने कहा कि बसों में सफर के समय जितना संभव हो पा रहा है, उतनी स्वच्छता और सैनिटाइज के प्रयास किए जा रहे हैं। यात्रियों को जागरूक भी किया जा रहा है। चालकों और परिचालकों से भी कहा गया है कि यदि बसों में सफर के दौरान या बस अड्डे पर कोई शख्स खांसी, जुकाम के साथ बुखार जैसे लक्षणों के साथ नजर आता है तो उसे जल्द उपचार के लिए जागरूक किया जाए।