तीतरो क्षेत्र के गांव महंगी में पूजा, समेरू, हैदरपुर में कामेश, ठोल्ला फतेहपुर में नाथीराम, पेम्मा और माधोपुर में सिमरन की बुखार से मौत हुई। नानौता क्षेत्र के गांव खुडाना निवासी तेज सिंह के 17 वर्षीय पुत्र नितिन की तेज बुखार होने के चलते सात सितंबर को मौत हुई थी। दो दिन पहले ही साढ़ौली कदीम के गांव फैजाबाद निवासी दिलशाद 25 की यमुनानगर के एक निजी अस्पताल में बुखार से जान चली गई।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में बुखार से मौत का जिक्र नहीं है, जबकि परिजनों का दावा है कि मौत बुखार से ही हुई है। हाल यह है कि हर घर में कोई न कोई सदस्य बुखार से ग्रसित हैं। प्राइवेट व सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। इस समय बुखार चर्चा बना हुआ है। हर कोई यहीं कह रहा है कि इस बार बुखार अलग तरह का है। इसमें दौरा पड़ना, बेसुध और गफलत आदि की शिकायत आ रही। यहीं नहीं हाथ-पैरों पर सूजन है।
बुखार से किशोरी ने तोड़ा दम, डेंगू के छह मरीज मिले
जिले में बुखार से एक और जान चली गई, जबकि डेंगू के छह नए मरीज मिले हैं। इस प्रकार अब तक डेंगू के 135 मामले सामने आ चुके हैं। अंबेहटा के मोहल्ला कोटला नई बस्ती में रहने वाले अजीम ने बताया कि उसकी 14 साल की पुत्री अलीना को करीब आठ दिन से बुखार आ रहा था। स्थानीय चिकित्सकों की दवा से आराम न मिलने पर चार दिन से अलीना का इलाज सहारनपुर के एक निजी चिकित्सक के यहां चल रहा था।
अजीम ने बताया कि सोमवार की रात को अलीना की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। परिजन अलीना को सहारनपुर ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि इसी दौरान अलीना की मौत हो गई। इस विषय में सीएचसी प्रभारी डॉ. ओमबीर सिंह का कहना है कि बालिका की मौत कैसे हुई इसकी जांच कराई जाएगी। वहीं, मंगलवार को छह लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। ये डेंगू पीड़ित सरसावा, दुर्गापुरी, नकुड़, नागल और नवादा पीर के रहने वाले हैं।
देहरादून में इलाज के लिए पहुंचा डेंगू पीड़ित
देहरादून में डेंगू मरीजों का आंकड़ा 700 के पार पहुंच गया है। बताया जाता है कि इनमें सहारनपुर के मरीजों की संख्या है। हाल यह है कि जिले में हर अस्पताल मरीजों से भरे हुए हैं। बेड खाली नहीं होने के चलते मरीज दूसरे जिलों और राज्यों में पहुंचकर इलाज करा रहे हैं।