सहारनपुर। गाजियाबाद में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में वकीलों का आक्रोश कम नहीं हो रहा है। बुधवार को भी जिले भर में अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे। हड़ताल की वजह से जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर खाली पड़ा रहा। मुकदमों में सुनवाई न होने पर तारीखें लग रही हैं।
बुधवार को सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता और महासचिव निशांत त्यागी के नेतृत्व सातवें दिन भी अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे। राजीव गुप्ता और निशांत त्यागी ने कहा कि गाजियाबाद में हुए अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज की वह घोर निंदा करते हैं। अधिवक्ताओं का उत्पीड़न किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि लाठीचार्ज करवाने वाले अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई जाए। इस घटना से देश-प्रदेश के अधिवक्ताओं में गुस्सा है। 16 नवंबर को गाजियाबाद में होने वाली बैठक के बाद हड़ताल या आंदोलन करने का निर्णय लिया जाएगा। वहीं, अधिवक्ताओं की हड़ताल से मुकदमों में तारीखें लग रही हैं। इसके साथ ही जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर भी खाली पड़ा है।
इस दौरान सिद्धार्थ शंकर त्यागी, अशोक पुंडीर, प्रमोद कुमार, सतीश चौधरी, चंद्रजीत सिंह निक्कू, सचिन सहगल, अय्यूब हसन, नीरज तिवारी, राजेंद्र सिंह चौहान, दीपक चौधरी, जमाल साबरी, ऋषि रंजन, राजेंद्र सिंह चौहान, विजय वालिया, अशोक सिंघल, राजीव भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।