देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि सर्वे के नाम पर की जा रही गतिविधियां विश्वास को कमजोर कर रही हैं। यह अशांति, सामाजिक भेदभाव और चिंता का कारण बन रही हैं।
मौलाना महमूद मदनी ने बुधवार को मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि मंदिर-मस्जिद के नाम पर देश को सांप्रदायिकता की आग में झोंकने की घटनाओं पर रोक लगाना और कानून-व्यवस्था व सामाजिक सौहार्द कायम रखने के लिए हस्तक्षेप करना बेहद जरूरी है। कहा कि पूजा स्थलों से संबंधित विशेष कानून (प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991) सांप्रदायिक सद्भाव सुनिश्चित करने और पूजा स्थलों से विवादों को उत्पन्न करने पर रोक लगाने के लिए बनाया गया था ताकि बाबरी मस्जिद जैसी त्रासदी की पुनरावृत्ति न हो। मदनी ने पत्र में इस समस्या का स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के जरिए समाधान करने की मांग की है।