सहारनपुर। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने कहा कि पांवधोई नदी को प्रदूषण मुक्त करने और उसे उसका प्राचीन स्वरूप लौटाने के लिए लोगों और दुकानदारों को जागरूक किया जाए कि वे नदी में कूड़ा कचरा न डाले। नदी में कूड़ा डालने वालों पर कार्रवाई की जाएं।
मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने शनिवार को सर्किट हाउस सभागार में पांवधोई नदी को निर्मल बनाने के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने नदी को कूड़ा-कचरा मुक्त कर उसे पुन: स्वच्छ बनाने पर जोर देते हुए कहा कि नदी को स्वच्छ करने का काम होता रहा है, लेकिन जब तक इसमें शहर के लोगों की भागेदारी नहीं होगी, तब तक नदी को साफ नही किया जा सकता। मंडलायुक्त ने कहा कि नदी को साफ रखने की जिम्मेदारी शहर के नागरिकों की भी है। अधिकारी तो अपना काम करते ही रहेंगे। शहर के नागरिकों द्वारा नदी में कूड़ा न फेंकने और फेंकने वालों को रोकने का संकल्प ही नदी को साफ रख सकता है। मंडलायुक्त ने से कहा गया कि पांवधोई नदी व ढमोला नदी को साफ करने के लिए अमृत योजना के अंतर्गत फेज वाइज काम चल रहा है, जिसमें दो-तीन नए एसटीपी प्लांट लगाकर ड्रेनेज के पानी को उपचारित कर तब नदी में छोड़ा जाएगा। लेकिन उसे पूरा होने में अभी समय लगेगा। तब तक नदी को स्वच्छ और साफ सुथरा करने के लिए कुछ ठोस कदम उठाने होंगे। रिवर फ्रंट बनाने के बारे में मंडलायुक्त ने कहा कि जब तक पानी बिल्कुल साफ नहीं होगा तब तक रिवर फ्रंट नही बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि सबसे पहला प्रयास यह है कि नदी में कूड़ा न डाला जाए। बैठक में उपस्थित डॉ वीरेंद्र आजम ने बाबा लालदास घाट पर लगने वाला बैसाखी मेला फिर से शुरू कराने का भी सुझाव दिया। डॉ. पीके शर्मा, कुलभूषण जैन ने निगरानी समितियों को पुन: सक्रिय करने की बात कही। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुनाल जैन, मौलवी फरीद, एसी पपनेजा, मुकुंद मनोहर गोयल, शैलेंद्र भूषण गुप्ता, फुरकान गुल, आमिर खां आदि मौजूद रहे।