सहारनपुर में कैश से भरी बोगी पटरी से उतरने के मामले में की जांच शुरू कर दी गई है। रेलवे की वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक अंबाला प्रमिला गुप्ता सोमवार को सहारनपुर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल प्वाइंटमैन सुशील कुमार को सेक्शन से हटा दिया गया है। शुरुआती जांच में तीन अन्य अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आ रही है। माना जा रहा है कि इन पर गाज गिर सकती है। सोमवार दोपहर कड़ी सुरक्षा में सद्भावना एक्सप्रेस से चंडीगढ़ के लिए रवाना कर दिया गया।
रविवार शाम को शंटिंग के दौरान कैश से भरी बोगियां पटरी से उतर गईं थीं। मध्यप्रदेश के देवास से चंडीगढ़ जा रही इन बोगियों को सहारनपुर में रोका गया था। सहारनपुर से इन बोगियों को सद्भावना एक्सप्रेस में जोड़कर चंडीगढ़ के लिए भेजा जाना था।
शटिंग के दौरान एक बोगी पटरी से उतर गई थी। जांच टीम से जुड़े सूत्रों के मुताबिक प्वाइंट मैन सुशील कुमार को यहां से हटाकर पंजाब के समराला स्टेशन पर भेजा गया है। इस मामले में अंबाला के मंडल रेल प्रबंधक दिनेश चंद शर्मा का कहना है कि अधिकारियों की टीम को जांच के लिए भेजा गया है। जांच में जिसकी भी लापरवाही पाई जाएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रात भर सुरक्षा बलों की निगरानी में रही बोगियां
रातभर खान आलमपुरा यार्ड में बोगियों में रखे कैश की सुरक्षा में जवानों ने कड़ी निगरानी की। बोगियों के सकुशल चले के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
रविवार शाम को मध्यप्रदेश के देवास से चंडीगढ़ जाने के लिए सहारनपुर पहुंची रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के कैश से भरी बोगी के पहिए शंटिंग के दौरान पटरी से उतर गए थे। रेलवे के तकनीकी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम ने काफी मशक्कत के बाद रात करीब लगभग आठ बजे बोगियों को दुरुस्त किया।
उसके बाद कैश से भरी दोनों बोगियों को कड़ी सुरक्षा के बीच खान आलमपुरा यार्ड में रखवाया गया। दोनों बोगियों की सुरक्षा में सेना के जवान तो लगे ही रहे, जीआरपी, आरपीएफ और सदर कोतवाली पुलिस भी तैनात रही।
सुबह लगभग सात बजे सद्भावना सुपर फास्ट एक्सप्रेस (12231) दिल्ली की ओर से सहारनपुर पहुंची। लेकिन अधिकारियों ने सुरक्षा की दृष्टि से बोगियों को इस गाड़ी से नहीं भेजा। दोपहर पौने एक बजे वाया मुरादाबाद आई दूसरी सद्भावना एक्सप्रेस (15011) से जोड़कर दोनों बोगियों को चंडीगढ़ के लिए रवाना किया गया। सहारनपुर से बोगियों के सकुशल रवाना हो जाने के बाद रेलवे एवं सुरक्षा अधिकारियों ने राहत की सांस ली।