सहारनपुर के गंगाोह में बीएसएफ के जवान सुरेशचंद का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ सोमवार की सुबह उनके पैतृक गांव रंधेड़ी लाया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में आसपास के हजारों लोगों की भीड़ रही।
हर किसी की आंखें नम थी। प्रशासनिक अफसरों के अलावा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि भी उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। जवान के ज्येष्ठ पुत्र अश्वनी ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।
गंगोह क्षेत्र के रंधेड़ी गांव निवासी सुरेश चंद (52) बीएसएफ में एएसआई पद पर असम के शिलांग में तैनात थे। शनिवार की रात पेट्रोलिंग के दौरान वाहन खाई में पलटने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई थी।
सोमवार सुबह सुरेशचंद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव रंधेड़ी लाया गया। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गई। पूरा गांव अंतिम दर्शन को उमड़ पड़ा।
सूचना पर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी रंधेड़ी गांव पहुंचे और शहीद के परिजनों को सांत्वना दी। तिरंगे में लिपटे शव को देख कर शहीद की मां रामकली और पत्नी नीमो फूट-फूट कर रो रहे थे।
गांव के शमशान में एडीएम प्रशासन, एसपी देहात विद्या सागर मिश्र, एसडीएम अमित आसेरी, एसडीएम सदर, तहसीलदार महेंद्र कुमार, सीओ गंगोह आरके सिंह, सीओ नकुड़, कानूनगो राहुल सिंह आदि ने जवान को श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद पुलिस गारद के अलावा एसआई सतीशचंद के नेतृत्व में बीएसएफ जवानों ने सुरेश चंद राणा को गार्ड आफ आनर दिया। मातमी धुन बजाई गई। सुरेश चंद राणा अमर रहे के नारों के बीच जवान के ज्येष्ठ पुत्र अश्वनी कुमार ने चिता को मुखाग्नि दी।
जवान का कनिष्ठ पुत्र अंकुर भी मौजूद रहा। सपा के जिलाध्यक्ष चौधरी रूद्रसैन, भाजपा नेता चौधरी नक्षत्रपाल सिंह, संजय कम्हेड़ा, कांग्रेस नेता संदीप वर्मा आदि बड़ी संख्या में लोग जवान की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।