सहारनपुर। तमाम जागरूकता के बावजूद सड़क हादसों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। जनवरी से अब तक 150 से अधिक हादसे चुके हैं, जिनमें करीब 90 लोगों की जान जा चुकी है।
कई हादसे ऐसे हुए, जिनमें एक साथ एक दो नहीं बल्कि तीन से सात लोगों की मौत हुई। इन सड़क हादसों में हंसते-खेलते परिवार उजड़ रहे हैं। जिंदगी खत्म हो रही है। कोतवाली बेहट क्षेत्र में हुए सड़क हादसे ने झकझोर दिया है। पांच साल की रूही ने अभी तक सही से जिंदगी भी जी नहीं थी, इससे पहले भी हमेशा के लिए खामोश हो गई।
कार पर पलटा था बजरी से लदा डंपर, हुई थी सात मौत
28 नवंबर 2025 को गागलहेड़ी में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के अंडरपास में बजरी से भरा डंपर कार पर पलट गया था। इसमें कार सवार संदीप, उनकी मां रानी, बहन जूली, जीजा शेखर, भांजे अनिरुद्ध और मौसी के बेटे विपिन की मौके पर ही मौत हो गई थी। सभी पेड़ से टकराई थी कार, दो भाई समेत चार की हुई थी मौत
27 दिसंबर 2025 को बेहट थाना क्षेत्र में शाकंभरी देवी रोड पर फतेहपुर कलां के पास तेज रफ्तार सड़क किनारे पेड़ से टकराई थी। इसमें चिलकाना के गांव तिड़फवा निवासी विजय, उसके भाई डॉ. मनीष, उनके मौसा जितेंद्र व सोनू की मौत हो गई थी। यह सभी बेहट से सहारनपुर की तरफ लौट रहे थे। मौके पर चारों ने दम तोड़ दिया था।
टेंट पर पलटा था बजरी से लदा ट्रक, तीन लोगों की गई थी जान मौत
10 अप्रैल 2026 को नागल में सीडकी-झबरेड़ा मार्ग पर गांव बोहडुपुर के पास निर्माणाधीन पुल पर बजरी से भरा ट्रक मजदूरों के टेंट पर पलट गया था। इसमें मजदूर असगर, इस्तखार और शौकीन निवासी जाटोवाला थाना मिर्जापुर की मौत हुई थी, जबकि गुलफाम निवासी जाटोवाला व कर्मवीर निवासी असगरपुर गंभीर घायल हुए थे।