- हत्यारोपी हसीन और आमिर दोस्त थे, चाकू से गोदकर उतारा था मौत के घाट
- दो हत्यारोपी गिरफ्तार, चाकू और तीन मोबाइल बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। कोतवाली मंडी पुलिस ने आमिर हत्याकांड का राजफाश कर दिया है। आमिर की हत्या उधार दिए 25 हजार रुपये का तकादा करने पर की गई थी। हत्यारोपी और आमिर दोनों दोस्त थे। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त चाकू और तीन मोबाइल बरामद किए हैं।
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि सात फरवरी को थाना मंडी क्षेत्र के एक प्लाॅट में आमिर का शव मिला था, जिसके शरीर पर धारदार हथियार से वार किए गए थे। मोहम्मद आमिर कपड़ों की पैकिंग करने का कार्य करता था। आमिर के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली गई। सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए, जिनमें दो युवक संदिग्ध नजर आए, जो आमिर के साथ जाते दिखाई दे रहे थे। उसके आधार पर पुलिस ने 62 फुटा रोड से हत्यारोपी हसीन निवासी कोलकी थाना गागलहेड़ी और इशहाक निवासी मोहल्ला सलमान कॉलोनी को गिरफ्तार किया है।
- मदरसे में कारी की पढ़ाई करता है हत्यारोपी
पूछताछ में हत्यारोपी हसीन ने बताया कि वह छुटमलपुर में एक मदरसे में कारी की पढ़ाई कर रहा है। कुछ समय पहले उसने आमिर से 25 हजार रुपये उधार लिए थे। आमिर वापस मांग रहा था। कई बार उसने जान-पहचान के लोगों के सामने रुपये मांगकर उसे बेइज्जत किया। इसलिए उसने आमिर से बदला लेने की ठानी। उसकी हत्या की साजिश रची, लेकिन उसने अपने दोस्त इशहाक को इस बारे में जानकारी नहीं दी। घटना वाले दिन उन्होंने रुपये वापस लौटाने के लिए आमिर को फोन किया और उसके घर गए। आमिर से कहा कि उसके रुपये एक दोस्त के पास रखे हैं। उनके साथ चलना होगा। वहीं पर रुपये लौटा देगा। हत्यारोपी आमिर को उसके स्कूटर पर बैठाकर अपने साथ ले गए। खाली पड़े प्लाॅट में चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। यह देखकर डर की वजह से इशहाक मोहम्म्द आमिर का मोबाइल फोन लेकर भाग गया था। मुख्य आरोपी और आमिर के बीच दोस्ती भी थी।